जब रतन टाटा ने बीमार कुत्ते के लिए ठुकरा दिया था लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड, प्रिंस चार्ल्स भी हो गए थे हैरान!
रतन टाटा ने अपने बीमार कुत्ते की देखभाल के लिए ब्रिटिश शाही परिवार से मिलने वाला लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड ठुकरा ...और पढ़ें

बीमार कुत्ते के लिए ठुकरा दिया था प्रिंस चार्ल्स का अवॉर्ड, दिल छू लेगी रतन टाटा की ये अनसुनी कहानी।

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नई दिल्ली। टाटा ग्रुप के चेयरमैन एमेरिटस रतन टाटा न केवल एक सफल उद्योगपति थे, बल्कि जानवरों, खासकर कुत्तों के प्रति अपने गहरे लगाव (Ratan Tata dog love) के लिए भी जाने जाते थे। उनका यह लगाव इतना गहरा था कि एक बार उन्होंने ब्रिटिश शाही परिवार से एक प्रतिष्ठित सम्मान लेने के लिए आयोजित समारोह में शामिल होने से इनकार कर दिया था, ताकि वे एक बीमार कुत्ते की देखभाल कर सकें।
जब बीमार पड़ा प्यारा कुत्ता
भारतीय बिजनेसमैन सुहेल सेठ ने एक इंटरव्यू में यह भावुक किस्सा (Ratan Tata unseen stories) सुनाया था। 6 फरवरी, 2018 को प्रिंस चार्ल्स को बकिंघम पैलेस में (ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट के तहत) रतन टाटा को उनके समाज-सेवा के कामों के लिए 'लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड' से सम्मानित करना था। सब कुछ तय हो चुका था। लेकिन, जब सुहेल सेठ 2 या 3 फरवरी को लंदन पहुंच, तो उन्होंने देखा कि रतन टाटा के 11 मिस्ड कॉल आए हुए थे।
जब उन्होंने हीथ्रो एयरपोर्ट से टाटा को फोन किया, तो रतन टाटा ने बताया कि उनके कुत्तों (टैंगो और टिटो) में से एक बहुत बीमार हो गया है। उन्होंने साफ़ कहा, "मैं उसे पीछे नहीं छोड़ सकता," और अवॉर्ड सेरेमनी में शामिल नहीं हुए।
प्रिंस चार्ल्स भी हुए फैसले के मुरीद
रतन टाटा के इस फ़ैसले से प्रिंस चार्ल्स भी हैरान और प्रभावित हुए।
सुहेल सेठ के अनुसार, उस समय प्रिंस चार्ल्स ने कहा था, "ये एक सच्चे इंसान हैं। रतन ऐसे ही व्यक्ति हैं। ठीक इसी वजह से टाटा ग्रुप आज इस मुकाम पर पहुंचा है और एक मज़बूत रास्ते पर अडिग है।"
बॉम्बे हाउस से लेकर ताज होटल तक दिखा कुत्तों के प्रति प्यार
रतन टाटा की संवेदनशीलता सिर्फ अपने पालतू कुत्तों तक ही सीमित नहीं थी। टाटा ग्रुप के हेडक्वार्टर 'बॉम्बे हाउस' में कड़ी सुरक्षा के बावजूद, आवारा कुत्तों को बिना किसी रोक-टोक के अंदर आने और घूमने-फिरने की आजादी थी। जब 2018 में इस बिल्डिंग का रेनोवेशन हुआ, तो ग्राउंड फ़्लोर पर कुत्तों के लिए एक खास केनेल भी बनाया गया था।
एक मेहमान ने टाटा के आलीशान ताज होटल के प्रवेश द्वार पर एक आवारा कुत्ते को शांति से सोते हुए देखा तो कर्मचारियों ने बताया कि ऐसा रतन टाटा के निर्देशों के अनुसार किया गया था। इसके अलावा, रतन टाटा के नेतृत्व में, टाटा ट्रस्ट्स ने मुंबई के मशहूर महालक्ष्मी इलाके में पालतू जानवरों के लिए एक छोटा अस्पताल भी शुरू हुआ था ।
