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खरीफ की तरह रबी फसलों की बुवाई की रफ्तार सुस्त! 26 फीसदी से अधिक घटा बुवाई का रकबा

Published: Wed, 21 Oct 2026 08:12 PM (IST)

खरीफ के बाद रबी फसलों की बुवाई धीमी गति से चल रही है, जिसमें 16 अक्टूबर तक कुल रकबे में ...और पढ़ें

रबी फसलों की बुवाई में भारी गिरावट

रबी फसलों की बुवाई में भारी गिरावट

HighLights

  1. रबी बुवाई रकबे में 26.23% की कमी।

  2. 16 अक्टूबर तक 3.43 लाख हेक्टेयर में बुवाई।

  3. धान कटाई के कारण गेहूं बुवाई में देरी।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| खरीफ फसलों की कटाई के बाद देश के कई इलाकों में रबी सीजन की बुवाई शुरू हो गई है। हालांकि खरीफ सीजन की ही तरह रबी की बुवाई में भी कमी देखने को मिल रही है। कृषि मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों से पता चला है कि 16 अक्टूबर तक देश में कुल बुवाई का रकबा 26.23 प्रतिशत घटकर 3.43 लाख हेक्टेयर रह गया। पिछले साल इसी अवधि में 4.65 लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की बुवाई हुई थी।

इन रबी फसलों की बुवाई शुरू

बता दें कि रबी सीजन वाली फसलों की बुवाई अक्टूबर के आखिर सप्ताह से शुरू हो जाती है। रबी की प्रमुख फसल गेहूं की बुवाई अभी शुरू नहीं हुई है। आंकड़ों के अनुसार, कुछ राज्यों में धान, मटर, ज्वार, मक्का, जौ, सरसों और मूंगफली की बुवाई शुरू हो गई है। धान की बुवाई अभी केवल केरल और तमिलनाडु में शुरू हुई है, जहां इसका रकबा 88,000 हेक्टेयर रहा। दलहनी फसलों में राजस्थान और नगालैंड में चने की बुवाई शुरू हो गई है। वहीं, मिजोरम, नगालैंड और राजस्थान सहित कुछ अन्य राज्यों में मटर की बुवाई की गई है। मोटे अनाज की बुवाई भी कुछ राज्यों में ही शुरू हुई है।

किन फसलों की कितनी बुवाई?

16 अक्टूबर तक 8,000 हेक्टेयर में ज्वार, 2,000 हेक्टेयर में मक्का और 1,000 हेक्टेयर में जौ की बुवाई हुई थी। तिलहन फसलों में सरसों की बुवाई का रकबा 2.26 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के 3.10 लाख हेक्टेयर से कम है। इस दौरान 1,000 हेक्टेयर में मूंगफली की बुवाई हुई। कृषि मंत्रालय ने फसल वर्ष 2026-27 (जुलाई-जून) के लिए कुल रबी खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य 17 करोड़ 77.2 लाख टन निर्धारित किया है।

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ये हैं रबी की खास फसलें

रबी सीजन की खास फसलों में गेहूं, चना और आलू जैसी फसलें प्रमुख हैं। हालांकि इनकी बुवाई दीपावली के आसपास शुरू होती है। कई इलाकों में अभी धान की कटाई होनी बाकि है जिसके चलते गेहूं और सरसों की बुवाई बड़े पैमाने पर नहीं शुरू हो पाई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 16 अक्टूबर तक पिछले साल के मुकाबले बुवाई के क्षेत्रफल में 26.23 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि आने वाले हफ्तों में बुवाई का रकबा बढ़ सकता है।