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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अबकी बार किसकी सरकार..लेकर आया डॉलर की बहार

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Published: Thu, 10 Apr 2014 11:37 AM (IST)

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनाव का कुंभ मेला शुरू हो गया है। ये महाकुंभ भारतीय पर्यटन व्यापार के ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनाव का कुंभ मेला शुरू हो गया है। ये महाकुंभ भारतीय पर्यटन व्यापार के लिए पैसे की बहार लेकर आया है क्योंकि टूर ऑपरेटर्स नये थीम पर आधारित हॉलिडे पैकेज का प्रोमोशन कर रहे हैं।

टूर ऑपरेटर्स, ऑनलाइन सेल्स एजेंट और टूरिज्म कंपनियां चुनाव को 'कुंभ मेला' के तौर पर प्रोमोट कर रहे हैं। इसके लिए पांच सप्ताह तक चलने वाले चुनाव कार्यक्रम के लिए पैकेज तैयार किये जा रहे हैं। यात्रा डॉट कॉम के प्रेसिडेंट शरद ढाल ने बताया, 'चुनाव पर्यटन एक नया फंडा बन गया है जोकि तेजी से पॉपुलर हो रहा है।' उन्होंने कहा, 'चूंकि यह दुनिया का सबसे बड़ा और प्रमुख कार्यक्रम है तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे देखा जा रहा है, इसलिए पर्यटक अपनी ज्यादा से ज्यादा रुचि इसमें दिखा रहे हैं। साथ ही बनारस जैसे शहरों में अतिरिक्त दिन रहने की इच्छा जता रहे हैं।'

ढाल के मुताबिक, कुछ और दिनों तक रुकने के लिए 10 हजार से 20 हजार रुपये के साथ उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाओं को प्राप्त किया जा सकता है। वहीं, कुछ और हजार रुपये खर्च कर आगरा, लखनऊ और वाराणसी के चुनावी माहौल को देखा जा सकता है।

अहमदाबाद स्थित कंपनी इलेक्शन टूरिज्म इंडिया ने साल 2012 गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान पैकेज देना शुरू किया था, उनका मानना है कि वह 2014 आम चुनाव के दौरान करीब 2,000 विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर लेंगे। सात दिन और छह रातों वाले पैकेज की लागत 1,200 डॉलर (75,000 रुपये) है जिसमें एयर फेयर शामिल नहीं है। इस पैकेज राजनीतिक रैलियों के साथ-साथ स्थानीय आकर्षण को शामिल किया गया है।

इलेक्शन टूरिज्म इंडिया के मनीष शर्मा ने कहा, 'अब तक भारत में आने के लिए 800 विदेशी पर्यटकों ने टिकट ले लिया है। ये पर्यटक जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, दुबई, मिस्र और चीन से लोग आ रहे हैं।' उन्होंने यह भी बताया, 'हम पर्यटकों को राजनीतिक रैलियों में लेकर जाते हैं। उन्हें दिखाते हैं कि कैसे 5 से 6 लाख लोग एक जगह मौजूद रहते हैं।' कंपनी ने बीजेपी के साथ गठबंधन किया है जिसमें पर्यटकों को दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी और जयपुर की रैलियां दिखाई गई हैं।

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