दिव्यांग बच्चों को जन्म से मिलेगी पेंशन, राशि भी बढ़ी: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने दिव्यांग बच्चों के लिए जन्म से ही पेंशन का रास्ता खोलने और राशि बढ़ाने की घोषणा की ...और पढ़ें

दिव्यांग बच्चों को जन्म से ही मिलेगी पेंशन सुविधा।
HighLights
दिव्यांग बच्चों को जन्म से ही मिलेगी पेंशन सुविधा।
पेंशन की राशि में भी महत्वपूर्ण वृद्धि की गई।
दिव्यांगता का मानक 80% से घटाकर 40% हुआ।
आईएएनएस, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि केंद्र ने जन्म से ही पात्र दिव्यांग बच्चों के लिए पेंशन का रास्ता खोल दिया है। साथ ही पेंशन की राशि में भी इजाफा किया है।
एशियाई पैरा खेलों में हिस्सा लेकर लौटे खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले कैबिनेट में दिव्यांग जनों की पेंशन को लेकर बड़े निर्णय लिए हैं। हमने पेंशन की राशि बढ़ाई है और दिव्यांगता का मानक 80 प्रतिशत से 40 प्रतिशत कर दिया है। पहले पेंशन के लिए 18 वर्ष की आयु होना जरूरी था, अब जन्म से ही पात्र दिव्यांग बच्चों के लिए पेंशन का रास्ता खोल दिया है।
प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना में क्या बदलाव हुआ
बीते महीने सरकार ने प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना के तहत दिव्यांग व्यक्ति के लिए पात्रता की न्यूनतम आयु सीमा को हटा दिया था। इससे अब दिव्यांग व्यक्ति जन्म से ही पेंशन के लिए पात्र हो जाता है। इसमें केंद्रीय सहायता भी बढ़ाकर 79 वर्ष तक के लिए 375 रुपए प्रति माह और 80 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के लिए 625 रुपए प्रति माह कर दी गई है। इसके तहत लाभार्थियों की संख्या 8.33 लाख से बढ़कर 27.48 लाख हो गई है।
सरकार के मुताबिक, इस निर्णय से तीन समूहों को लाभ होगा। पहले- वे व्यक्ति जो 40 से 79 प्रतिशत के बीच दिव्यांग प्रमाणित हैं और गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों से हैं।
दूसरा - गरीबी रेखा से नीचे के परिवार में ,मानक दिव्यांगता प्रमाण पत्र वाले बच्चे जन्म से ही स्वीकृत मानदंडों के तहत लाभान्वित होंगे, जबकि पहले परिवार को बच्चे के 18 वर्ष का होने तक इंतजार करना पड़ता था। तीसरे- वे व्यक्ति जो पहले से ही पेंशन प्राप्त कर रहे हैं उन्हें सरकार द्वारा स्वीकृत 375 रुपए और 625 रुपए की बढ़ी हुई दरें प्राप्त होंगी।
वर्ष 2011 की जनगणना में भारत में 2.68 करोड़ दिव्यांग व्यक्ति दर्ज किए गए थे, जो जनसंख्या का 2.21 प्रतिशत है। 2016 के अधिनियम की अनुसूची में 21 प्रकार की दिव्यांगताएं निर्धारित की गई हैं।
यह भी पढ़ें- Bharti Airtel Q2 results: एयरटेल ने जारी किए दूसरी तिमाही के नतीजे, मुनाफा 31% बढ़कर 8888 करोड़ रुपये हुआ