PM Kisan Yojana की 24वीं किस्त से पहले कृषि मंत्री की बड़ी घोषणा! नीदरलैंड से मजबूत होगी कृषि क्षेत्र में साझेदारी
PM Kisan Yojana की 24वीं किस्त से पहले भारत और नीदरलैंड्स ने कृषि क्षेत्र में अपनी साझेदारी को और मजबूत ...और पढ़ें
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भारत-नीदरलैंड्स ने कृषि क्षेत्र में अपनी साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति।
HighLights
भारत-नीदरलैंड्स ने कृषि क्षेत्र में अपनी साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति।
कृषि नवाचार, बागवानी और बीज क्षेत्र में सहयोग का दायरा बढ़ेगा।
तकनीक-आधारित खेती और कृषि उत्पादकता को नई गति मिलेगी।
आईएएनएस, नई दिल्ली। PM Kisan Yojana की 24वीं किस्त से पहले केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा कि भारत और नीदरलैंड्स ने कृषि क्षेत्र में अपनी साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई है। दोनों देश कृषि नवाचार, बागवानी और बीज क्षेत्र जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग का दायरा बढ़ाएंगे, जिससे तकनीक-आधारित खेती और कृषि उत्पादकता को नई गति मिलेगी।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, नीदरलैंड्स के कृषि मंत्री सिल्वियो एरकेंस के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों के बीच चल रहे सहयोग की समीक्षा की गई और भविष्य की साझेदारी के नए अवसरों पर चर्चा हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य तकनीक, नवाचार और ज्ञान साझाकरण के माध्यम से कृषि उत्पादकता को बेहतर बनाना था।
चर्चा के दौरान भारत-नीदरलैंड्स साझेदारी के तहत कृषि और बागवानी क्षेत्रों में स्थापित 25 उत्कृष्टता केंद्रों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इन केंद्रों ने कई भारतीय राज्यों में आधुनिक कृषि तकनीकों, संरक्षित खेती और उन्नत बागवानी पद्धतियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शिवराज सिंह चौहान और सिल्वियो एरकेंस ने बीज क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की। दोनों पक्षों ने इस दिशा में एक समर्पित कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति व्यक्त की। प्रस्तावित ढांचा प्राथमिक क्षेत्रों की पहचान करेगा और संयुक्त पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए रोडमैप तैयार करेगा।
बैठक में कृषि नवाचार को भी प्रमुख प्राथमिकता के रूप में रेखांकित किया गया। दोनों देशों ने कृषि अनुसंधान, नई तकनीकों को अपनाने और नवाचार आधारित खेती के क्षेत्र में हुई प्रगति पर विचार साझा किए। भारत और नीदरलैंड्स दोनों कृषि प्रौद्योगिकी और आधुनिक खेती के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं।
दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि टिकाऊ और तकनीक-आधारित कृषि विकास को बढ़ावा देने के लिए विशेषज्ञता और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान आवश्यक है। इससे किसानों की उत्पादकता बढ़ाने, संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने और कृषि क्षेत्र को भविष्य की चुनौतियों के लिए अधिक सक्षम बनाने में मदद मिलेगी।
नीदरलैंड्स के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कृषि, मत्स्य पालन, खाद्य सुरक्षा एवं प्रकृति मंत्री सिल्वियो एरकेंस ने किया। प्रतिनिधिमंडल में महानिदेशक मार्टेन वान डेन बर्ग, भारत में नीदरलैंड्स की राजदूत मारिसा जेरार्ड्स और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व कृषि सचिव अतिश चंद्र, डीएआरई सचिव एम.एल. जाट तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया।
