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भारत बनेगा चीन और आसियान का बड़ा निर्यातक, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का बड़ा बयान

By Jagran BusinessEdited By: Gyanendra Tiwari
Published: Tue, 27 Oct 2026 10:04 PM (IST)

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने उम्मीद जताई है कि भारत जल्द ही चीन और आसियान देशों के लिए वस्तुओं और सेवाओं का एक बड़ा निर्यातक बनेगा।

भारत चीन और आसियान का प्रमुख निर्यातक बनेगा।

भारत चीन और आसियान का प्रमुख निर्यातक बनेगा।

HighLights

  1. भारत चीन और आसियान का प्रमुख निर्यातक बनेगा।

  2. मुक्त और निष्पक्ष व्यापार के नियमों में विश्वास करता है भारत।

  3. चिली, कनाडा, ईयू के साथ एफटीए वार्ता प्रगति पर।

एजेंसी, नई दिल्ली। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में भारत चीन और आसियान देशों में वस्तु और सेवाओं के एक बड़े निर्यातक के तौर पर उभरेगा। उन्होंने कहा कि भारत हर देश के साथ मुक्त और निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देने के लिए तैयार है।

एसोसिएशन आफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस (आसियान) के सदस्य देशों में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं।

हम खुले व्यापार के नियमों में विश्वास करते हैं- गोयल

दो दिवसीय दौरे पर यहां आए गोयल ने कहा, चीन हमें महत्वपूर्ण मध्यवर्ती वस्तुएं और कच्चा माल उपलब्ध करता है। अगर हमें किसी उत्पाद के मामले में लगता है कि मूल्य निर्धारण सहीं नहीं है तो इसके लिए एक स्थापित न्यायिक प्रक्रिया है, जिसका पालन किया जाता है। हम खुले व्यापार के नियमों में विश्वास करते हैं।

गोयल ने यह बात 14 अक्टूबर को दिए गए उस बयान के बाद कही है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत चीन के साथ अपने संबंधों को दोबारा परिभाषित करने की दिशा में काम कर रहा है, लेकिन इसका इस पर अंतिम फैसला किया जाना बाकी है।

पिछले कुछ महीनों में, दोनों पक्षों ने अपने संबंधों को फिर से सुधारने के लिए कई कदम उठाए हैं। पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के कारण पिछले चार वर्षों से अधिक समय से दोनों देशों के बीच रिश्ते तनावपूर्ण रहे थे। इस गतिरोध के खत्म होने के बाद, अक्टूबर 2024 में रूस के कज़ान शहर में मोदी और शी के बीच हुई मुलाकात के बाद दोनों पड़ोसी देशों ने अपने संबंधों को सुधारना शुरू किया।

गोयल की ये टिप्पणियां इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि चीन भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। भारत ने चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर कई बार चिंता जताई है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 के 118.39 अरब डालर से बढ़कर 2025-26 में 7.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 127.7 अरब डालर हो गया।

जल्द पूरी होगी चिली के साथ एफटीए पर बातचीत

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि चिली के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत जल्द पूरी होने वाली है और इस संबंध में कनाडा के साथ बातचीत भी अच्छी दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि दक्षिण अफ्रीका के नेतृत्व वाले एसएसीयू (सदर्न अफ्रीकन कस्टम्स यूनियन) समूह के साथ भी बातचीत शुरू हो गई है। गोयल ने यह भी कहा कि भारत और यूरोपीय यूनियन (ईयू) के बीच निवेश संरक्षण समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ईयू के साथ भौगोलिक संकेतकों पर समझौते के लिए कुछ कानूनी बदलावों की जरूरत है, जिन्हें मंत्रालय संसद में पेश करने जा रहा है।

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