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IAS मुंडे की मुहिम के बीच 'असली पनीर' की कैपेसिटी बढ़ाएगी ये कंपनी; ₹100 करोड़ करेगी खर्च; अमूल-मदर डेयरी को सीधी टक्कर

By Jagran BusinessEdited By: Kashid Hussain
Published: Tue, 22 Sep 2026 03:45 PM (IST)

पराग मिल्क फूड्स नकली डेयरी उत्पादों पर कार्रवाई के बीच अपनी पनीर उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 100 करोड़ रुपये ...और पढ़ें

पराग मिल्क फूड्स पनीर उत्पादन क्षमता बढ़ाएगी

पराग मिल्क फूड्स पनीर उत्पादन क्षमता बढ़ाएगी

HighLights

  1. पराग मिल्क फूड्स पनीर उत्पादन क्षमता बढ़ाने को 100 करोड़ निवेश करेगी

  2. महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश संयंत्रों में 60 टन क्षमता विस्तार होगा

  3. कंपनी उच्च प्रोटीन पनीर का भी उत्पादन करेगी

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र में खाद्य और औषधि प्रशासन आयुक्त तुकाराम मुंडे काफी चर्चा में हैं। उन्होंने लगातार छापेमारी करके बड़ी मात्रा में नकली डेयरी प्रोडक्ट पकड़े हैं। वैसे भी अधिकतर राज्यों में नकली पनीर का कारोबार बड़े पैमाने पर फैला है। ऐसे में अब अमूल और मदर डेयरी के साथ कम्पीट करने वाली पराग मिल्क फूड्स पनीर उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
इसके तहत कंपनी महाराष्ट्र के मंचर स्थित संयंत्र और आंध्र प्रदेश के पलमनेर संयंत्र में प्रतिदिन 60 टन क्षमता का विस्तार करेगी। कंपनी ने मंगलवार को बयान में कहा कि वर्तमान में उसकी इकाइयों में प्रतिदिन 20 टन पनीर का उत्पादन होता है।

कंपनी बनाएगी हाई प्रोटीन पनीर

पराग मिल्क फूड्स के अनुसार, विस्तारित संयंत्रों में सामान्य पनीर के साथ-साथ उच्च प्रोटीन वाला पनीर भी बनाया जाएगा। इन परियोजनाओं के जून, 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है।

प्रतिदिन 60 टन क्षमता

पराग फूड्स के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) राहुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘हमें करीब 100 करोड़ रुपये के निवेश से प्रतिदिन 60 टन क्षमता जोड़ने की योजना की घोषणा करते हुए खुशी हो रही हैं। इससे हमारी कुल पनीर उत्पादन क्षमता 20 टन प्रतिदिन से बढ़कर 80 टन प्रतिदिन हो जाएगी।’’
उन्होंने कहा कि इस विस्तार से कंपनी देशभर में अपने वितरण नेटवर्क को मजबूत कर सकेगी और पनीर को विभिन्न वितरण माध्यमों के जरिये ग्राहकों तक पहुंचा सकेगी।

संगठित सेक्टर की ओर बढ़ रही मांग

बयान में कहा गया है कि कंपनी के टर्नओवर में वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स का योगदान 90 प्रतिशत से ज्यादा है और पनीर इसकी मुख्य कैटेगरी में से एक है, जो पिछले दो सालों में हर साल 28 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है।
बताया जा रहा है कि अब मांग असंगठित सेक्टर से संगठित सेक्टर की ओर बढ़ रही है (जिसकी इस कैटेगरी में हिस्सेदारी सिर्फ 5-6 प्रतिशत है), इसलिए पराग लगातार अच्छी क्वालिटी की बढ़ती मांग को पूरा करने और स्टैंडर्ड व हाई-प्रोटीन रेंज में अपनी राष्ट्रीय मौजूदगी बढ़ाने के लिए अपनी क्षमता को चार गुना कर रही है।

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