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गली की दुकान से 54 देशों का सफर: पंसारी सरसों तेल की कामयाबी की दास्तान, 2.5 लाख से ज्यादा रिटेलर्स बेच रहे इनके सामान

Published: Sun, 18 Oct 2026 04:49 PM (IST)

पंसारी ग्रुप की शुरुआत 1940 के दशक में एक छोटी किराने की दुकान से हुई थी, जो आज 54 देशों ...और पढ़ें

पंसारी ग्रुप का इतिहास (AI फोटो)

पंसारी ग्रुप का इतिहास (AI फोटो)

HighLights

  1. पंसारी ग्रुप की शुरुआत 1940 के दशक में हुई

  2. सरसों तेल से शुरू होकर बना बड़ा एफएमसीजी ब्रांड

  3. आज 54 देशों में फैला है पंसारी का कारोबार

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। आपके जहन में ऐसे बहुत से पुराने ब्रांड्स होंगे, जिन्हें आपने यूज किया होगा। इनमें 555 साबुन, घड़ी डिटर्जेंट पाउडर आदि शामिल हैं। इन्हीं में से एक पंसारी तेल (Pansari Oil History) है। पंसारी तेल पंसारी ग्रुप का प्रोडक्ट है, जो अपने सरसों के तेल के लिए काफी फेमस है। मगर इसकी शुरुआत कई दशकों पहले हुई थी। आइए जानते हैं इसका दिलचस्प इतिहास।

किसने की शुरुआत?

आज पंसारी ग्रुप एक बड़ा बिजनेस ग्रुप है, जिसके एमडी हैं शम्मी अग्रवाल। मगर इस ग्रुप की बुनियाद 1940 के दशक में रखी गयी थी, जब शम्मी के दादाजी ने राजस्थान के पोआटा में एक छोटी सी किराने की दुकान खोली। दुकान का नाम 'पंसारी की दुकान' रखा गया।
अगले कुछ वर्षों में, अग्रवाल परिवार का प्रभाव बढ़ता गया। 1960 के दशक में शम्मी के दादा कोलकाता चले गए और धीरे-धीरे सरसों और तिल के थोक व्यापार में उतर गए।

खोली पहली फैक्ट्री

फिर 1962 में गोकुल चंद जी अग्रवाल ने कोलकाता में एक खाद्य तेल रिफाइनरी के साथ ग्रुप की शुरुआत की। 80 के दशक तक कारोबार ठीक चला, मगर फिर परिवार को एक बड़ा झटका लगा जब उनका तिल का कारोबार ठप हुआ।
भारी बारिश ने फसल को बर्बाद कर दिया। नतीजे में सप्लाई गिर गई और परिवार को बीजों के व्यापार में मौजूद जोखिम का एहसास हुआ। इसके बाद परिवार ने खाद्य तेल के बिजनेस में विस्तार किया।

बिना ब्रांड चल रहा था कारोबार

शम्मी के पिता कमल दिल्ली आए और एक फैक्ट्री लेकर सरसों का तेल बनाना शुरू कर दिया। उस समय कोई ब्रांड नहीं था, क्योंकि उनका B2B कारोबार मुख्य रूप से थोक व्यापार और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग पर केंद्रित था।

1990 रहा खास

1990 अग्रवाल परिवार के कारोबार के लिए काफी खास रहा। उस साल उन्होंने कोलकाता में 4 तेल मिलें और नई दिल्ली में 1 तेल मिल खोलीं। फिर परिवार के बिजनेस की कमान आई शम्मी अग्रवाल के हाथ में। 2010 में वे कारोबार से जुड़े और लगातार विस्तार पर फोकस किया।

क्या-क्या उत्पाद हैं बाजार में?

शम्मी ने पंसारी ग्रुप को केवल थोक सप्लाई तक सीमित न रखकर खुदरा और सीधे ग्राहकों तक पहुँचाने का फैसला किया। आज पंसारी ग्रुप अपने शुद्ध सरसों के तेल (Kacchi Ghani Mustard Oil) के लिए सबसे ज्यादा जाना जाता है। इसके अलावा आज यह ग्रुप चावल (Basmati Rice), आटा, मसाले (Shasha Spices), रेडी मिक्स (Indimix) और चाय जैसे कई एफएमसीजी (FMCG) उत्पाद भी बाजार में बेचता है।

54 देशों में फैला कारोबार

आज पंसारी ग्रुप केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के 54 से अधिक देशों में अपने प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करता है और एक हजार करोड़ से ज्यादा का ब्रांड बन चुका है। आज कंपनी के पास 1,050 से अधिक वितरकों, 2,54,500 खुदरा विक्रेताओं और 1,100 पेशेवरों की एक टीम वाला मजबूत नेटवर्क है। ग्रुप की क्षमता 720 मीट्रिक टन क्षमता/दिन है।

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