NSE IPO में आखिरी मौका, मुनाफे की नहीं बल्कि नुकसान कितना होगा पर पहुंची बात? सबसे निचले स्तर पर GMP
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का IPO 21 सितंबर को बंद हो रहा है, लेकिन इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹192 ...और पढ़ें

NSE IPO: आखिरी मौका, ग्रे मार्केट प्रीमियम में भारी गिरावट से मुनाफे पर सवाल
HighLights
NSE IPO में निवेश का आखिरी मौका 21 सितंबर को।
ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹192 से गिरकर ₹58 हुआ।
निवेशकों में मुनाफे के बजाय नुकसान की आशंका बढ़ी।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| यदि आप नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE IPO में पैसा लगाना चाहता हैं तो अब यह आखिरी मौका है। 21 सितंबर सोमवार को NSE IPO बंद हो जाएगा। हालांकि अब तक लोगों के बीच जो इस IPO से मुनाफा कमाने की हो रही थी वह अब कितना नुकसान हो सकता है जैसे सवाल की तरफ मुड़ गई है। दरअसल NSE IPO GMP का (ग्रे मार्केट प्रीमियम) प्राइस बैंड की घोषणा के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या 2026 के भारत के सबसे बड़े पब्लिक इश्यू को लेकर लिस्टिंग के दिन जो उत्साह था, वह अब कम हो रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूजर्स बोल रहे हैं कि यदि इसमें डबल डिजिट फीसदी का फायदा भी हो गया तो बड़ी बात होगा।
जब NSE IPO प्राइस बैंड की घोषणा की गई थी तब उस समय GMP लगभग 192 रुपये था, जो अब गिरकर लगभग ₹58 हो गया है। IPO प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर ₹1,785 पर, इसका मतलब है कि प्रीमियम 3% से थोड़ा ज्यादा है। यह अनौपचारिक बाजार (ग्रे मार्केट) प्रीमियम में लगभग 70% की भारी गिरावट है।
GMP में यह गिरावट तब आई है जब ₹22,562 करोड़ का IPO बोली के दूसरे दिन ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो चुका है। 18 सितंबर तक, इश्यू 1.15 गुना सब्सक्राइब हुआ था, जिसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) सबसे आगे थे। QIB हिस्सा 1.32 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि NII हिस्सा लगभग 1.36-1.44 गुना सब्सक्राइब हुआ। हालांकि, रिटेल सब्सक्रिप्शन कमजोर रहा और लगभग 66-68% ही रहा।
NSE IPO की लिस्टिंग कब होगी?
NSE IPO 17 सितंबर को खुला था, यह पूरी तरह से 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) है। NSE को इस इश्यू से कोई नया पैसा नहीं मिलेगा। मौजूदा शेयरधारक लगभग 12.64 करोड़ शेयर बेच रहे हैं। प्राइस बैंड ₹1,700-1,785 प्रति शेयर तय किया गया है, और स्टॉक के 24 सितंबर को BSE पर लिस्ट होने की उम्मीद है।
GMP क्यों गिर रहा है?
GMP में भारी गिरावट से पता चलता है कि लिस्टिंग को लेकर उम्मीदें अब कम हो गई हैं। NSE भारत के सबसे मजबूत मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस में से एक बना हुआ है, लेकिन यह IPO बहुत बड़ा है, इसकी कीमत पूरी तरह से तय की गई है और यह पूरी तरह से OFS है। इस वजह से लिस्टिंग के दिन शेयर की कीमत में जबरदस्त उछाल आना मुश्किल हो सकता है।
कम फ्लोट और ग्रोथ की कहानी वाले छोटे IPO में GMP में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा सकती है। हालांकि, NSE का इश्यू ₹22,500 करोड़ से ज्यादा का है। जानकारों के मुताबिक, इश्यू का आकार ही इतनी बड़ी मांग को अपने आप में समाहित कर सकता है और लिस्टिंग के समय होने वाले बहुत ज्यादा मुनाफे को सीमित कर सकता है।
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(डिस्क्लेमर: यहां IPO को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
