यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गैस एजेंसी में नहीं देना होगा शपथ पत्र
अमित मिश्र, रसोई गैस कनेक्शन लेने से पहले अब न तो कचहरी या नोटरी के चक्कर लगाने की जरूरत पड़ेगी ...और पढ़ें

लखनऊ [अमित मिश्र]। रसोई गैस कनेक्शन लेने से पहले अब न तो कचहरी या नोटरी के चक्कर लगाने की जरूरत पड़ेगी और न ही एफिडेविट के लिए सौ-दो सौ रुपये का अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा। सिर्फ नए कनेक्शन ही नहीं, गैस एजेंसी में किसी भी काम के लिए अब एफिडेविट देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उपभोक्ताओं को राहत देने वाली इस व्यवस्था पर सहमति बन गई है।
गैस वितरक संघ के अध्यक्ष डीपी सिंह के मुताबिक एक हफ्ते में आदेश जारी कर दिया जाएगा। इस आदेश से राहत पाने वालों में वे कनेक्शनधारक भी शामिल होंगे, जो महीनों से बंद पड़े गैस कनेक्शन दोबारा चालू कराने के लिए एजेंसी जाएंगे। एजेंसी संचालक खास तौर पर दो तरह के मामलों में उपभोक्ताओं से एफिडेविट मांग रहे हैं। मल्टीपल कनेक्शन की आशंका खत्म करने के लिए नए कनेक्शन के आवेदकों से एफिडेविट जमा करने को कहा जाता है तो साथ ही कनेक्शन पर आपूर्ति रुकने या किसी तरह की अन्य गड़बड़ी आने पर उपभोक्ता को सामान्य आपूर्ति के लिए फिर एफिडेविट देना पड़ रहा था।
एफिडेविट बनवाने में नागरिकों को अतिरिक्त भागदौड़ के साथ रकम भी खर्च करनी पड़ रही थी। इससे लोगों को राहत देते हुए पेट्रोलियम कंपनी ने सभी तरह के मामलों में यह औपचारिकता समाप्त करने का फैसला लिया है। डीपी सिंह ने बताया कि दो-तीन दिनों में इस बाबत निर्देश जारी हो सकता है। इस बाबत इंडेन के स्टेट वन कार्यालय के महाप्रबंधक यूपी सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी।
