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निर्मला सीतारमण को फिर मिला वित्त मंत्रालय, इस बार पहले से ज्यादा रहेंगी चुनौतियां

सीतारमण ने बतौर वित्त मंत्री पहला बजट 5 जुलाई 2019 को पेश किया। उन्हें कोरोना महामारी के दौरान COVID-19 इकोनॉमिक रिस्पॉन्स टास्क फोर्स का प्रभारी बनाया। सीतारमण का पहला बड़ा आर्थिक सुधार कॉर्पोरेट टैक्स को 30 फीसदी से घटाकर 22 फीसदी करना था। दरअसल अर्थव्यवस्था को नोटबंद और जीएसटी लागू से झटका लगा था। कॉर्पोरेट टैक्स घटाने से उद्योग जगत को उबरने में काफी मदद मिली।

By Jagran News Edited By: Suneel Kumar Published: Mon, 10 Jun 2024 08:06 PM (IST)Updated: Mon, 10 Jun 2024 08:06 PM (IST)
सीतारमण ने बतौर वित्त मंत्री पहला बजट 5 जुलाई 2019 को पेश किया।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के लिए मंत्री पद का बंटवारा हो गया। वित्त मंत्री की जिम्मेदारी एक बार निर्मला सीतारमण ही संभालेंगी। यह दूसरा मौका होगा, जब मोदी सरकार में वह वित्त मंत्री बनेंगी। सीतारमण ने पहली बार 31 मई 2019 को वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री के तौर पर शपथ ली थी। उनके नाम देश की पहली पूर्णकालिक वित्त मंत्री होने का रिकॉर्ड है।

निर्मला सीतारमण की बड़ी उपलब्धियां

सीतारमण ने बतौर वित्त मंत्री पहला बजट 5 जुलाई 2019 को पेश किया। उन्हें कोरोना महामारी के दौरान COVID-19 इकोनॉमिक रिस्पॉन्स टास्क फोर्स का प्रभारी बनाया। सीतारमण का पहला बड़ा आर्थिक सुधार कॉर्पोरेट टैक्स को 30 फीसदी से घटाकर 22 फीसदी करना था। दरअसल, अर्थव्यवस्था को नोटबंद और जीएसटी लागू से झटका लगा था। कॉर्पोरेट टैक्स घटाने से उद्योग जगत को उबरने में काफी मदद मिली।

अर्थव्यवस्था बढ़ाने में अहम भूमिका

कॉर्पोरेट टैक्स घटाने के बाद कोरोना महामारी की चुनौती आ गई। सीतारमण ने नीतिगत उपायों की एक सीरीज के महामारी का सामना करने की योजना बनाई, ताकि गरीबों पर कोविड के आर्थिक प्रभाव को कम किया जा सके। कोरोना काल में आर्थिक मुश्किलों को दूर करने के लिए सरकार ने देश के जीडीपी के करीब 10 फीसदी के बराबर 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज का भी एलान किया।

भारत की जीडीपी पिछली कई तिमाहियों से शानदार से ग्रोथ कर रही है। अर्थव्यवस्था से जुड़े ज्यादातर इंडिकेटर सकारात्मक संकेत दे रहे हैं। इसे बतौर वित्त मंत्री निर्मला की कामयाबी में गिना जा सकता है।

वित्त मंत्री के दूसरे कार्यकाल से उम्मीदें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अब जुलाई में अपने दूसरे कार्यकाल का पहला पूर्णकालिक बजट पेश करेंगी। इस दौरान उनसे सभी को काफी उम्मीदें रहेंगी। खासकर, गरीब, मिडल क्लास और उद्योग जगत को। रियल एस्टेट सेक्टर पहले ही जीएसटी में सुधार की गुजारिश कर चुका है। टैक्स के मोर्चे पर भी कई चुनौतियां हैं, जिन्हें सुलझाने की जरूरत होगी। खासकर, नए और पुराने टैक्स रिजीम को लेकर सरकार का क्या रुख रहता है, यह भी देखने वाली बात होगी।

केंद्र सरकार भारत की दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। साथ ही, उसने देश को 2047 तक विकसित बनाने का भी लक्ष्य रखा है। इन दीर्घकालिक लक्ष्यों को लेकर सीतारमण की नीतियों पर भी सबकी नजर रहेगी।

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