नेपाल में प्रियागोल्ड बिस्किट के इंपोर्ट और बिक्री पर बैन! जांच में मिली पशु आहार की "मिलावट!" भारत में कंपनी का लाइसेंस भी निलंबित
नेपाल ने भारत में बने प्रियागोल्ड बिस्कुट के आयात और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। यह कार्रवाई FSSAI द्वारा कंपनी ...और पढ़ें

प्रिया गोल्ड पर FSSAI का चाबुक
HighLights
नेपाल ने प्रियागोल्ड बिस्कुट के आयात और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया।
FSSAI को बिस्कुट निर्माण में पशु आहार चोकर मिला।
भारत में कंपनी का लाइसेंस FSSAI द्वारा निलंबित किया गया।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत में बनने वाले प्रियागोल्ड बिस्कुट को लेकर खाद्य सुरक्षा का मामला सामने आया है। नेपाल ने भारतीय कंपनी सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड के प्रियागोल्ड बिस्कुट के आयात, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया है। नेपाल के खाद्य प्रौद्योगिकी एवं गुणवत्ता नियंत्रण विभाग (FTQCD) ने सोमवार को जारी नोटिस में इन बिस्कुट को घटिया गुणवत्ता वाला बताते हुए संबंधित कारोबारियों और उपभोक्ताओं को इनकी खरीद-बिक्री रोकने का निर्देश दिया है।
यह कार्रवाई भारत के खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की ओर से कंपनी के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार, FSSAI ने कंपनी के निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी गंभीर खामियां पाए जाने की बात कही है। साथ ही, बिस्किट के निर्माण में पशु आहार में इस्तेमाल होने वाले चोकर के उपयोग और अन्य कथित उल्लंघनों को लेकर कंपनी के खिलाफ अभियोजन के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
नेपाल के FTQCD ने भारतीय प्राधिकरण की ओर से जारी नोटिस के आधार पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। विभाग के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा करना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।
FSSAI के निरीक्षण में मिलीं गंभीर खामियां
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड की उत्पादन इकाई के निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से संबंधित गंभीर कमियां मिलने की जानकारी दी है। इसी मामले में कंपनी के खिलाफ अभियोजन (Prosecution) की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है। आरोपों में प्रियागोल्ड बिस्किट बनाने में पशु आहार में इस्तेमाल होने वाले चोकर के उपयोग का मामला भी शामिल है। इसके अलावा, खाद्य सुरक्षा से जुड़े अन्य कथित उल्लंघनों का भी उल्लेख किया गया है।
FSSAI ने कंपनी का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में चोकर के इस्तेमाल की मात्रा, संबंधित बैचों की पहचान, प्रयोगशाला जांच के नतीजों या कथित उल्लंघनों से जुड़े विस्तृत तकनीकी निष्कर्षों का उल्लेख नहीं है।
नेपाल ने आपात बैठक के बाद लिया फैसला
नेपाल के खाद्य प्रौद्योगिकी एवं गुणवत्ता नियंत्रण विभाग के नोटिस के मुताबिक, विभाग के महानिदेशक संजीव कुमार कर्ण ने आपात बैठक की। इसमें मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा और उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रियागोल्ड बिस्किट पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया।
विभाग ने संबंधित सरकारी निकायों, कारोबारियों और उपभोक्ताओं से इन बिस्कुट का आयात नहीं करने और इनकी बिक्री तथा वितरण रोकने का आग्रह किया है।
इस फैसले के बाद नेपाल में प्रियागोल्ड बिस्किट की सप्लाई और बिक्री पर रोक लगाने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में नेपाल में इन बिस्कुट की बिक्री का कुल आकार, प्रतिबंधित उत्पादों की मात्रा या इससे प्रभावित कारोबारियों की संख्या का विवरण नहीं दिया गया है।
खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता जांच पर फिर ध्यान
इस मामले ने खाद्य उत्पादों के निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण और नियामकीय निगरानी के महत्व को फिर सामने ला दिया है। खाद्य पदार्थों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन इकाइयों में स्वच्छता, इस्तेमाल होने वाली सामग्री और निर्धारित मानकों का पालन जरूरी है।
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इस मामले में भारत की FSSAI ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की है, जबकि नेपाल के संबंधित विभाग ने अपने देश में उत्पाद के आयात, बिक्री और वितरण पर रोक लगाई है। दोनों कदम उपभोक्ताओं की सुरक्षा से जुड़े हैं, लेकिन इनकी कानूनी प्रक्रिया और अधिकार क्षेत्र अलग-अलग हैं।
