CNG Prices Hike: सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी, 2 रुपये प्रति किलो हुई महंगी; नई दरें लागू
CNG Prices Hike: महानगर गैस लिमिटेड ने सीएनजी की कीमतों में ₹2 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की है, जिससे मुंबई ...और पढ़ें

सीएनजी के दाम में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि
HighLights
सीएनजी की कीमत ₹2 प्रति किलो बढ़ी।
मुंबई में नई सीएनजी दर ₹86 प्रति किलो।
पीएनजी के दाम भी 50 पैसे प्रति यूनिट बढ़े।
नई दिल्ली। CNG Prices Hike: मीडिल ईस्ट तनाव का असर भारत में साफ दिखने लगा है। यही कारण है कि मई के महीने में चार बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की जा चुकी है। सीएनजी की कीमतों में भी कई बार इजाफ हो चुका है। लेकिन अब एक बार फिर से महानगर गैस लिमिटेड (MGL CNG Hike) ने सीएनजी उपभोक्ताओं को झटका देते हुए गैस की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है।
कंपनी ने शनिवार से सीएनजी के दाम में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि लागू कर दी है। इस बढ़ोतरी के बाद मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में सीएनजी की खुदरा कीमत बढ़कर 86 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। नई दरें मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और एमजीएल के सेवा क्षेत्र के अन्य इलाकों में लागू होंगी।
मई के महीने में यह दूसरी बार है जब कंपनी ने कीमतों में बढ़ोतरी की है। इससे पहले 14 मई को भी कंपनी ने सीएनजी के दाम में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की थी। लगातार दूसरी बार हुई इस वृद्धि से निजी वाहन चालकों और व्यावसायिक परिवहन क्षेत्र पर अतिरिक्त बोझ बढ़ने की संभावना है।
CNG के साथ PNG क भी बढ़े दाम
शनिवार को सिर्फ सीएनजी की कीमतें ही नहीं पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। महानगर लिमिटेड ने पीएनजी के दाम में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की है। इसका असर उन लाखों परिवारों पर पड़ेगा जो खाना पकाने के लिए पाइप्ड गैस का उपयोग करते हैं।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता और पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसी वजह से गैस कंपनियों की लागत बढ़ी है, जिसका असर अब उपभोक्ताओं पर दिखाई दे रहा है।
कितनी है पेट्रोल और डीजल की कीमत
इस बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी हाल के सप्ताहों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। मुंबई में शनिवार को पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 97.83 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है।
सरकार ने दिए एलपीजी भंडार बनाए रखने के निर्देश
हालांकि, केंद्र सरकार ने ईंधन आपूर्ति को लेकर स्थिति पर नजर बनाए रखी है। सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को पर्याप्त एलपीजी भंडार बनाए रखने का निर्देश दिया है, ताकि किसी भी स्थिति में घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना न करना पड़े। कंपनियों से कम से कम 30 दिनों की मांग के बराबर एलपीजी स्टॉक रखने को कहा गया है।
सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेज वृद्धि के बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर भारी नुकसान उठा रही हैं। इसके बावजूद बाजार में कीमतों का दबाव बना हुआ है, जिसका असर अब सीएनजी और पीएनजी की दरों पर भी दिखाई देने लगा है।
