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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत में खुलेगा मौसम आधारित डेरिवेटिव्स, NCDEX और IMD के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता; किसानों को होगा फायदा

Published: Thu, 03 Jul 2025 02:55 PM (IST)Updated: Thu, 03 Jul 2025 03:09 PM (IST)

नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज लिमिटेड और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ है। इस समझौते ...और पढ़ें

भारत में खुलेगा मौसम आधारित डेरिवेटिव्स, NCDEX और  IMD के बीच ऐतिहासिक समझौता
भारत में खुलेगा मौसम आधारित डेरिवेटिव्स, NCDEX और  IMD के बीच ऐतिहासिक समझौता

 नई दिल्ली। नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज लिमिटेड (NCDEX) और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 जून 2025 को एक महत्वपूर्ण समझौता किया। इस समझौते के तहत भारत में पहली बार मौसम आधारित डेरिवेटिव्स की शुरुआत होगी। इस समझौते ने इसकी नींव रख दी है।

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मौसम डेरिवेटिव्स किसानों और संबंधित क्षेत्रों को अनियमित बारिश, गर्मी की लहरें और असामान्य मौसम जैसे जोखिमों से बचाने में मदद करेंगे। NCDEX और IMD के बीच हुए इस ऐतिहासिक समझौते से सीधे तौर पर किसानों को फायदा होगा।

IMD के डेटा का उपयोग करके बनाया जाएगा मौसम बाजार

IMD के डेटा का उपयोग करके NCDEX बारिश आधारित डेरिवेटिव प्रोडक्ट बनाया जाएगा। ये डेटा हाई क्वालिटी और सटीक  और सटीक हैं। यह सीधे तौर पर वास्तविक परिस्थितियों को दर्शाते हैं। ये मौसम डेरिवेटिव्स मौसम और क्षेत्र के आधार पर अनुबंध तैयार करेंगे, जो कृषि, परिवहन समेत कई उद्योगों में मौसम से जुड़े जोखिमों को कम करने में मदद करेंगे।

नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

इस ऐतिहासिक समझौते पर IMD के डीजीएम, डॉ. एम. महापात्रा ने कहा, " भारतीय मौसम विभाग हमेशा से कृषि और आपदा प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आ रहा है। इस समझौते के के जरिए हम अपने वैज्ञानिक डेटा को वित्तीय क्षेत्र में उपयोग करेंगे। इससे आर्थिक स्थिरता और बाजार नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।"

किसानों को होगा फायदा

नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्ट और CEO अरुण रास्ते ने इस समझौते पर कहा, "IMD के साथ हमारी साझेदारी कमोडिटी बाजार में एक नए युग की युग की शुरुआत करेगी। मौसम डेरिवेटिव्स किसानों की आय और प्रोडक्टिविटी पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने का एक मार्केट आधारित समाधान हैं।"

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उन्होंने कहा, "हमें गर्व है कि NCDEX ने भारत में इस नवाचार को लाने का पहला कदम उठाया है। यह किसानों, व्यापारियों, पर्यटन और परिवहन जैसे क्षेत्रों को मौसम की अनिश्चितता से निपटने में हमारी मदद करेगा और हमें मजबूत बनाएगा।"

मौसम का डाटा देश के विकास में निभाएगा योगदान

IMD और NCDEX साथ मिलकर चल रहे अनुसंधान, प्रशिक्षण और हितधारक जुड़ाव के माध्यम से इस सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मौसम संबंधी डेटा न केवल एक इनपुट बन जाए, बल्कि एक डेटा बिंदु बन जाए जो प्रभावी रूप से व्यापार में सहायता कर सके, जिससे देश के विकास में योगदान मिल सके।