नई दिल्ली। आने वाले दिनों में आसमान में घमासान होने वाला है। कई नई एयरलाइनें भारतीय विमानन उद्योग में दस्तक देने को तैयार हैं। शेड्यूल, निजी तथा चार्टर हवाई परिचालनों को शुरू करने के लिए परमिट की मांग कर रही छह में से चार को सरकार लाइसेंस दे चुकी है। माना जा रहा है कि इससे आने वाले दिनों में उद्योग में कड़ी प्रतिस्पर्धा का दौर शुरू होगा, जिसका लाभ ग्राहकों को मिलेगा।

नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जीएम सिद्धेश्वर ने बताया कि एयरएशिया इंडिया, लीगेयर एविएशन, क्विकजेट कार्गो एयरलाइन और एलईपीएल प्रोजेक्ट्स को एयर ऑपरेटर्स परमिट [एओपी] या फ्लाइंग लाइसेंस दिया जा चुका है। जबकि टाटा-सिया एयरलाइंस और एयर पेगासस का मामला लंबित है। सेवाएं शुरू करने के मार्फत टाटा-सिया को लाइसेंस देने के लिए आवेदन की जांच कर रहे विमानन नियामक डीजीसीए ने हाल ही में इसके खिलाफ फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस की आपत्तियां खारिज की थीं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय दो अन्य एयरलाइनों-एयर कार्निवाल और जाव एयरवेज को आरंभिक अनापत्ति प्रमाणपत्र [एनओसी] दे चुका है। एयर कार्निवाल की दक्षिण भारत तो जाव एयरवेज की पूर्वोत्तर तथा पूर्वी क्षेत्र में परिचालन शुरू करने की योजना है।

पूरी तरह से परिचालन शुरू करने के लिए एनओसी प्राप्त करना पहला कदम होता है। फिर एयरलाइंस लाइसेंस पाने के लिए डीजीसीए को आवेदन करती हैं। इस दौरान उनकी ओर से सभी आवश्यक जरूरतों और औपचारिकताओं को पूरा किया जाता है।

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