गाजियाबाद के मोहन नगर का अनोखा इतिहास: इस भारतीय ने अंग्रेज से कंपनी खरीदकर रखी थी नींव; वीराने को बनाया इंडस्ट्रियल हब
मोहन नगर, गाजियाबाद में स्थित एक प्रमुख औद्योगिक टाउनशिप है, जिसका नाम उद्योगपति और पूर्व सांसद नरेंद्र नाथ मोहन के ...और पढ़ें

कैसे बना मोहन नगर (AI फोटो)
HighLights
मोहन नगर उद्योगपति नरेंद्र नाथ मोहन के नाम पर है
1958 में गाजियाबाद में औद्योगिक टाउनशिप की स्थापना की
मोहन मीकिन लिमिटेड की शुरुआत 1855 में कसौली में हुई
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। ऐसे बहुत से शहर, टाउन या औद्योगिक केंद्र हैं, जो किसी नामी-गिरामी कारोबारी के नाम पर हैं। इस लिस्ट में मोदीनगर और डालमियानगर शामिल हैं। इन्हीं की तरह एक प्रमुख इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और रेसिडेंशियल टाउनशिप है, मोहन नगर।
मोहन नगर यूपी के जिला गाजियाबाद में स्थित है। यदि आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं तो इस टाउनशिप से अच्छी तरह वाकिफ होंगे। आइए जानते हैं कि मोहन नगर किस उद्योगपति के नाम पर और इसे कैसे बसाया गया।
किसके नाम पर है मोहन नगर?
मोहन नगर का नाम नरेंद्र नाथ मोहन (एन. एन. मोहन) के नाम पर रखा गया है, जो एक उद्योगपति और पूर्व सांसद थे। उन्होंने 1958 में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में इस औद्योगिक टाउनशिप की स्थापना की थी।
1949 में खरीदी कंपनी
एन. एन. मोहन ने सन 1949 में डायर मीकिन ब्रुअरीज (जिसे बाद में मोहन मीकिन लिमिटेड नाम दिया गया) की कमान संभाली। 1958 में उन्होंने गाजियाबाद में 250 एकड़ का एक औद्योगिक और हाउसिंग परिसर डेवलप किया, जिसे 'मोहन नगर' के नाम से जाना जाता है।
ऐसे हुई डेवलप
मोहन नगर टाउनशिप उनके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स (जिनमें ब्रूअरी, डिस्टिलरी, और सॉफ्ट ड्रिंक व फूड फैक्ट्रियां शामिल थीं) के इर्द-गिर्द डेवलप हुई। बाद में इसका विस्तार हुआ, जिसमें स्कूल, अस्पताल और इसका अपना पोस्टल कोड भी शामिल हो गए।
1855 में हुई थी शुरुआत
मोहन मीकिन एक फूड और बेवरेज कंपनी है, जिसकी शुरुआत 1855 में कसौली में एडवर्ड डायर द्वारा 'डायर ब्रुअरीज लिमिटेड' नाम से स्थापित एशिया की पहली ब्रुअरी (शराब बनाने की इकाई) से हुई थी। इसके पास कसौली ब्रुअरी (भारत की पहली यूरोपीय शैली की ब्रुअरी, जो आज भी चालू है) और सोलन ब्रुअरी हैं।
यह कंपनी आज भी 'लायन' बीयर (एशिया का पहला बीयर ब्रांड), 'सोलन नंबर 1', 'ओल्ड मॉन्क' रम और 'गोल्डन ईगल' व्हिस्की का उत्पादन करता है।
फंड जुटाकर गए लंदन
आजादी के बाद, नरेंद्र नाथ मोहन ने फंड जुटाया और लंदन गए, जहाँ उन्होंने 'डायर मीकिन ब्रुअरीज' में अधिकांश हिस्सेदारी हासिल कर ली। 1949 में उन्होंने कंपनी का मैनेजमेंट अपने हाथों में ले लिया और लखनऊ, गाजियाबाद और खोपोली (मुंबई के पास) में नई ब्रुअरीज स्थापित कीं। 1967 में कंपनी का नाम बदलकर 'मोहन मीकिन ब्रुअरीज' कर दिया गया।
आज इस कंपनी की कमान नरेंद्र नाथ मोहन के पोते हेमंत मोहन के हाथ में है।
