भारत में यहां बन रहा पृथ्वी का सबसे बड़ा सोलर पार्क, सिंगापुर जितना होगा बड़ा; अदाणी-NTPC मिलकर करेंगे 1.7 करोड़ घरों को रोशन
भारत गुजरात के कच्छ में दुनिया का सबसे बड़ा सोलर पार्क, खावड़ा सोलर पार्क, बना रहा है, जिसकी क्षमता 30 ...और पढ़ें

पृथ्वी पर मौजूद सबसे बड़ा सोलर प्लांट
HighLights
खावड़ा सोलर पार्क दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट
गुजरात के कच्छ में 30 गीगावाट क्षमता का विशाल पार्क
₹1.5 लाख करोड़ निवेश, करोड़ों घरों को मिलेगी बिजली
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया तेजी से सोलर एनर्जी की ओर बढ़ रही है। साल 2020 में दुनिया की कुल बिजली का सिर्फ 3% हिस्सा सोलर पावर से आता था, जो 2025 में बढ़कर 9% हो गया। अभी इसमें और इजाफे की उम्मीद है। पर क्या आप जानते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा सोलर पार्क कहां बन रहा है? आपको जानकर हैरानी हो सकती है ये भारत में तैयार हो रहा है। आइए जानते हैं इस सोलर पार्क के बारे में।
सबसे बड़ा सोलर प्लांट
गुजरात हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क (Gujarat Hybrid Renewable Energy Park), जिसे आमतौर पर खावड़ा सोलर पार्क (Khavda Solar Park) के नाम से जाना जाता है, गुजरात में कच्छ के रण के दूर-दराज सीमावर्ती इलाके में बन रहा एक बहुत बड़ा क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट है। यह लगभग 72,600 हेक्टेयर (538 वर्ग किलोमीटर) में फैला है, जो इसे लगभग सिंगापुर के आकार का बनाता है।
कितनी बिजली बनाएगा खावड़ा सोलर पार्क?
खावड़ा सोलर पार्क में 30 गीगावाट (GW) बिजली पैदा करने की योजना है। एक गीगावाट का मतलब एक हजार मेगावाट होता है। इसमें दिन के समय ऊर्जा के लिए सोलर पैनल और चौबीसों घंटे बिजली बनाने के लिए विंड टर्बाइन का इस्तेमाल किया जाएगा।
कौन हैं इसकी डेवलपर?
अदाणी ग्रीन एनर्जी और NTPC रिन्यूएबल एनर्जी जैसी बड़ी कंपनियाँ इस पार्क के कुछ हिस्सों का निर्माण कर रही हैं। कई गीगावाट क्षमता पहले से ही चालू है और इसे तेजी से बढ़ाकर 30 GW के अंतिम लक्ष्य तक पहुँचाया जा रहा है। 2029-2030 के आसपास पूरी तरह से तैयार होने पर, यह दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट होगा।
ध्यान रहे कि खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क कई डेवलपर्स वाला एक मेगा-प्रोजेक्ट है, जिसका सबसे बड़ा हिस्सा अदाणी ग्रीन एनर्जी का है और उसी ने इसे डेवलप किया है।
और किस-किसका का हिस्सा?
- नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NTPC): 4,750 MW की हाइब्रिड क्षमता डेवलप कर रही है।
- गुजरात स्टेट इलेक्ट्रिसिटी कॉर्पोरेशन लिमिटेड (GSECL): 3,325 MW डेवलप कर रही है।
- सर्जन रियलिटीज लिमिटेड (SRL): 4,750 MW तैयार कर रही है।
- अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर: इनमें NHPC और SAEL इंडस्ट्रीज जैसी सरकारी/निजी संस्थाएं शामिल हैं।
टोटल कितना आएगा खर्च?
ये सोलर पार्क हर साल 1.7 करोड़ से ज्यादा भारतीय घरों को बिजली देने के लिए डिजाइन किया गया है। वहीं इसकी कुल अनुमानित निवेश लागत ₹1.5 लाख करोड़ ($16 बिलियन से ज्यादा) है। बता दें कि इस सोलर प्लांट से हर साल 5.8-6.3 करोड़ टन से ज्यादा CO₂ कम करने का लक्ष्य है।
