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74 साल पुराने दोस्त ने भारत पर जताया भरोसा, खेला ₹55259 करोड़ का दांव; इस मामले में बना नंबर 1

By Jagran BusinessEdited By: Kashid Hussain
Published: Sun, 11 Oct 2026 03:34 PM (IST)

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जापान भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभरा है, ...और पढ़ें

जापान ने भारत में किया भारी निवेश (AI फोटो)

जापान ने भारत में किया भारी निवेश (AI फोटो)

HighLights

  1. जापान FY27 की पहली तिमाही में भारत का सबसे बड़ा FDI स्रोत बना

  2. इस तिमाही में जापान से 5.71 अरब डॉलर का रिकॉर्ड निवेश आया

  3. जापानी कंपनियां भारत में आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता ला रही हैं

एजेंसी, नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में जापान (जिसके साथ भारत के आधिकारिक संबंध 1952 में स्थापित हुए थे), भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभरा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान जापान से 5.71 अरब डॉलर का निवेश आया, जो पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में आए 3.74 अरब डॉलर से अधिक है।
वित्त वर्ष 2025-26 में जापान से भारत में 2.48 अरब डॉलर का निवेश आया था। आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत को मिले कुल 19.81 अरब डॉलर के इक्विटी निवेश में जापान की हिस्सेदारी करीब 29 प्रतिशत रही।

₹7 लाख करोड़ निवेश करने का लक्ष्य

जापान ने वर्ष 2025 में भारत में एक दशक से अधिक की अवधि में 10 लाख करोड़ येन (करीब सात लाख करोड़ रुपये) निवेश करने का लक्ष्य रखा था। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल पिछले महीने दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए जापान की यात्रा पर गए थे।
नागोया में उन्होंने कहा था कि जापानी कंपनियां भारत में एक दशक में 10 लाख करोड़ येन (करीब छह लाख करोड़ रुपये) निवेश करने की प्रतिबद्धता के तहत अबतक एक लाख करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी हैं।

भारत में अधिक सक्रिय

डेलॉयट इंडिया के भागीदार अनिल तलरेजा ने कहा कि जापानी संस्थागत निवेशक अब भारत में अधिक सक्रिय हो रहे हैं और जापानी वित्तीय संस्थानों की भागीदारी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, धीमी आर्थिक वृद्धि, श्रम एवं विनिर्माण लागत में बढ़ोतरी और शुल्क संबंधी जोखिमों के कारण जापानी कंपनियां अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता ला रही हैं तथा कुछ क्षेत्रों पर निर्भरता की समीक्षा कर रही हैं।

जापान सबसे बड़ा निवेशक

शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी के इक्विटी भागीदार रुद्र कुमार पांडेय ने भी कहा कि पहली तिमाही में जापान का सबसे बड़ा निवेशक बनना भारत में उसके मजबूत भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि निवेश के आंकड़ों में बड़े रणनीतिक सौदों की अहम भूमिका रही है, जबकि जापानी कंपनियों की विस्तार योजनाएं विनिर्माण, वित्तीय सेवाओं और प्रौद्योगिकी में दीर्घकालिक अवसरों की ओर इशारा करती हैं।

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