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केंद्र सरकार की सड़क, रेल, पोर्ट और एयरपोर्ट की ITLA प्लानिंग! GST ई-वे बिल से FASTag तक के लिए ₹500 करोड़ का नया प्रोजेक्ट

Published: Tue, 06 Oct 2026 06:23 PM (IST)

केंद्र सरकार ने परिवहन और लॉजिस्टिक्स की एकीकृत योजना और निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) के ...और पढ़ें

ITLA के गठन को मंजूरी

ITLA के गठन को मंजूरी 

HighLights

  1. ITLA का गठन परिवहन और लॉजिस्टिक्स की एकीकृत योजना के लिए।

  2. ₹500 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन और निगरानी।

  3. GST ई-वे बिल, FASTag डेटा से नेशनल ट्रांसपोर्ट डेटा रिपॉजिटरी।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी योजनाओं की इंटीग्रेटेड प्लानिंग और निगरानी को मजबूत करने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) के गठन को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) के रूप में ITLA स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

सरकार के मुताबिक, देश में सड़क, रेलवे, बंदरगाह, शिपिंग, नागरिक उड्डयन, अंतर्देशीय जलमार्ग और शहरी परिवहन जैसे क्षेत्रों की योजना अलग-अलग मंत्रालयों और एजेंसियों के स्तर पर बनाई और लागू की जाती है। इससे कई बार योजनाओं में तालमेल की कमी और बुनियादी ढांचे के विकास में देरी जैसी समस्याएं सामने आती हैं। ITLA का गठन इन क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है।

ITLA को देश में एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्लानिंग के लिए टॉप इंस्टीट्यूशन के रूप में विकसित किया जाएगा। यह परिवहन क्षेत्र में रिसर्च, प्रोजेक्ट अप्रेजल, मॉनिटरिंग, पॉलिसी सपोर्ट और डेटा एनालिटिक्स का काम करेगा।

मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम बनाने की तैयारी

ITLA 10 साल या उससे अधिक की अवधि को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक नेशनल ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान तैयार करेगा। इसमें सड़क, रेलवे, पोर्ट और शिपिंग, सिविल एविएशन, Inland जलमार्ग, कोस्टल शिपिंग, शहरी परिवहन और लॉजिस्टिक्स को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य अलग-अलग परिवहन माध्यमों के विकास को एक-दूसरे से जोड़कर बेहतर मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम तैयार करना है।

5 साल की योजनाओं का भी रिव्यू

इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी केंद्र सरकार के परिवहन मंत्रालयों की करीब पांच साल की सेक्टोरल योजनाओं और सालाना योजनाओं का रिव्यू करेगी। इसका उद्देश्य यह देखना होगा कि अलग-अलग मंत्रालयों की योजनाएं नेशनल ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान के अनुरूप हैं या नहीं। इससे सड़क, रेल, बंदरगाह और अन्य परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी।

ITLA केंद्र सरकार की ₹500 करोड़ या उससे अधिक लागत वाली परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का टेक्निकल इवैल्यूएशन करेगा। हालांकि, इन प्रोजेक्ट्स का फाइनेंशियल रिव्यू मौजूदा वित्तीय अप्रेजल व्यवस्था के तहत ही किया जाएगा। इसके अलावा ₹500 करोड़ या उससे अधिक के प्रोजेक्ट्स के इंप्लीमेंटेशन की निगरानी भी ITLA करेगा।

GST ई-वे बिल से FASTag तक का डेटा एक जगह

ITLA नेशनल ट्रांसपोर्ट डेटा रिपॉजिटरी (NTDR) तैयार करेगा। इसके तहत अलग-अलग सोर्स से परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े डेटा को एक जगह लाया जाएगा। इसमें GSTN के ई-वे बिल, FASTag, VAHAN, GPS आधारित सिस्टम और शहरी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम समेत अन्य संबंधित डेटाबेस का इस्तेमाल किया जाएगा।

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इस डेटा का इस्तेमाल माल की आवाजाही, रूट और फ्रेट फ्लो जैसे पहलुओं के विश्लेषण में किया जाएगा। इससे सरकार को परिवहन की मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत और परियोजनाओं की निगरानी के लिए डेटा आधारित फैसले लेने में मदद मिलेगी।

लॉजिस्टिक्स लागत घटाने और कनेक्टिविटी सुधारने पर जोर

सरकार का मानना है कि ITLA के गठन से भारत में मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करने, इंफ्रास्ट्रक्चर के बेहतर इस्तेमाल, लॉजिस्टिक्स लागत कम करने और वैश्विक लॉजिस्टिक्स प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी। सरकार इसे विकसित भारत@2047 के लक्ष्यों की दिशा में महत्वपूर्ण संस्थागत कदम मान रही है।