सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बेटी ईशा को असाइनमेंट सब्मिट करने में हुई देरी तो पिता मुकेश अंबानी ने बनाया Jio, आज बना ₹10 लाख करोड़ का साम्राज्य

Published: Thu, 15 Oct 2026 07:29 PM (IST)

रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। ईशा अंबानी ने बताया कि 2009-10 में कॉलेज ...और पढ़ें

Jio बनने का दिलचस्प किस्सा

Jio बनने का दिलचस्प किस्सा

HighLights

  1. ईशा अंबानी के कॉलेज असाइनमेंट ने जियो के विचार को जन्म दिया।

  2. खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण असाइनमेंट जमा करने में देरी हुई।

  3. जियो प्लेटफॉर्म्स ₹30,213 करोड़ के IPO के साथ बाजार में उतरेगा।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। इसी बीच Jio की शुरुआत के पीछे एक कॉलेज असाइनमेंट से जुड़ा दिलचस्प किस्सा सामने आया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी ने बताया कि साल 2009-2010 में अपना असाइनमेंट सब्मिट करते वक्त उन्हें जियो शुरू करने का आइडिया आया था। जो कि आज ₹10 लाख करोड़ की कंपनी बन चुकी है।

असाइनमेंट सब्समिट में देरी हुई तो बना Jio

भारत में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या के चलते ईशा को अपने कॉलेज असाइनमेंट को सब्मिट करने में दिक्कत आई थी। इस प्रॉब्लम का सामना करने के बाद ईशा और भाई आकाश अंबानी के बीच इस बात पर चर्चा हुई कि देश में पश्चिमी देशों जैसी तेज और भरोसेमंद इंटरनेट सुविधा क्यों नहीं है। इसी चर्चा ने आगे चलकर जियो के विचार को आकार देने में भूमिका निभाई।

ईशा अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित IPO से जुड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि उस समय वह और आकाश अमेरिका में पढ़ाई कर रहे थे और छुट्टियों में मुंबई आए हुए थे। उन्हें कॉलेज का एक असाइनमेंट ऑनलाइन जमा करना था, लेकिन इंटरनेट काम नहीं कर रहा था और वह उसे अपलोड नहीं कर सकीं।

ईशा के मुताबिक, इस घटना के बाद दोनों के बीच चर्चा हुई कि भारत में इंटरनेट कनेक्टिविटी उस लेवल की क्यों नहीं है, जैसी उन्होंने वेस्टर्न कंट्री में देखी थी। आकाश अंबानी का मानना था कि इस समस्या का समाधान एक ऐसी डिजिटल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म कंपनी बनाकर किया जा सकता है, जो देश में कनेक्टिविटी की कमी को दूर करने में मदद करे।

2016 में लॉन्च हुआ Jio

इस शुरुआती विचार के कई साल बाद सितंबर 2016 में रिलायंस जियो ने कॉमर्शियल सर्विस शुरू की। कंपनी ने शुरुआत में फ्री वॉयस कॉल और डेटा सर्विसेस की पेशकश की। इसके बाद कम कीमत वाले डेटा प्लान और व्यापक नेटवर्क विस्तार के जरिए भारतीय टेलीकॉम बाजार में कॉम्पटीशन तेज हुई और मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा।

अब जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO पर नजर

रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम यूनिट जियो प्लेटफॉर्म्स शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने 14 अक्टूबर 2026 को रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल किया। कंपनी के प्रस्तावित IPO का आकार ₹30,213 करोड़ तक है। इसके लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है। IPO में 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जाने का प्रस्ताव है। निवेशकों के लिए यह इश्यू 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा।

ये भी पढ़ें: छोटे व्यापारियों को अपने खर्च पर विदेश भेज रहा MSME मंत्रालय! 18 अक्टूबर से पहले यहां करें अप्लाई, किसे मिलेगा मौका?

जियो आईपीओ के अपर प्राइस बैंड के अनुसार इसकी वैल्यूएशन ₹10.3 लाख करोड़ है। लिस्टिंग के बाद इसका मार्केट कैप और भी अधिक बढ़ने की संभावना है।