लिस्ट होते ही भारत की चौथी सबसे बड़ी कंपनी बन जाएगी JIO, पीछे छूट जाएंगी TCS, SBI और LIC जैसी दिग्गज कंपनियां
रिलायंस की जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर से खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। यह भारत का सबसे ...और पढ़ें

जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा।
HighLights
जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा।
यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।
लिस्टिंग पर जियो चौथी सबसे बड़ी कंपनी, TCS, SBI से आगे।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। रिलायंस की जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर से खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। 26 अक्टूबर को अलॉटमेंट होगा और 28 अक्टूबर को इसकी लिस्टिंग हो सकती है। लिस्टिंग के साथ ही मार्केट कैप के लिहाज से मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स भारत की चौथी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है।
दरअसल, JIO ने 14 अक्टूबर को अपना RHP फाइल किया और प्राइस बैंड की घोषणा भी की। इसका प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 के बीच है। यानी निवेशक इस प्राइस रेंज के बीच बोली लगा सकते हैं। इसके ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से जियो का आईपीओ ₹30,213 करोड़ का होगा।
इस हिसाब से यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा। और इतना ही नहीं इसकी वैल्यूएशन करीब 108.3 अरब डॉलर हो जाएगी। इसे भारतीय रुपयों में बदलें तो यह करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा। लिस्टिंग के साथ इसके मार्केट कैप में बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल इसी वैल्यूएशन पर यह टाटा की टीसीएस जैसी कई कंपनियों को पीछे छोड़ देगी।
भारत की चौथी सबसे बड़ी कंपनी बन जाएगी जियो
अपर प्राइस बैंड ₹1,119 के हिसाब से जियो प्लेटफॉर्म की वैल्यूएशन 08.3 अरब डॉलर हो जाएगी। यानी 10 लाख करोड़ रुपये के पार। अगर लिस्टिंग के दौरान इसका मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपये रहा तो यह देश की चौथी सबसे बड़ी कंपनी बन जाएगी। हालांकि, जैसे ही जियो प्लेटफॉर्म्स लिस्ट होगी तो शायद इसका मार्केट कैप देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी HDFC Bank को भी पार कर जाए।
अभी मार्केट कैप के लिहाज से देश की टॉप 10 कंपनियां निम्नलिखित हैं
- रिलायंस इंडस्ट्रीज- 1655434.93 करोड़ रुपये
- भारती एयरटेल - 1155947 लाख करोड़ रुपये
- HDFC Bank- 1123321.86 लाख करोड़ रुपये
- ICICI Bank - 1001579.09 लाख करोड़ रुपये
- SBI - 887538.29 लाख करोड़ रुपये
- TCS - 851860.64 करोड़ रुपये
- बजाज फाइनेंस- 602983.69 करोड़ रुपये
- लार्सन एंड टुब्रो - 503027.29 करोड़ रुपये
- LIC- 498409.82 करोड़ रुपये
- Infosys - 450874.54 करोड़ रुपये
Jio के लिस्टिंग के साथ बदल पीछे छूट जाएगी ये दिग्गज कंपनीयां
जियो की लिस्टिंग 18 अक्टूबर को संभावित है। लिस्टिंग के साथ इसका मार्केट कैप अभी के वैल्यूएशन के हिसाब से बढ़ जाएगा। अभी अपर प्राइस बैंड की वैल्यूशन की मानें तो इसका मार्केट कैप 10.25 लाख करोड़ रुपये है। अगर इसकी लिस्टिंग में 10 या 20 फीसदी के प्रीमियम में होती है तो यह HDFC को भी पीछे छोड़ सकती है। हालांकि, अभी अगर हम अपर प्राइस बैंड के हिसाब से ही लिस्टिंग का अनुमान लगाएं तो उस हिसाब से 28 अक्टूबर को भारत की टॉप 10 कंपनियों में चौथे नंबर पर जियो आ जाएगी। और जियो देश की सबसे बड़ी IT कंपनी TCS, भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI और दूसरे सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ICICI बैंक को भी पीछे छोड़ देगी।
- रिलायंस इंडस्ट्रीज- 1655434.93 करोड़ रुपये
- भारती एयरटेल - 1155947 करोड़ रुपये
- HDFC Bank- 1123321.86 करोड़ रुपये
- जियो प्लेटफॉर्म्स - 10.3 लाख करोड़ रुपये
- ICICI Bank - 1001579.09 करोड़ रुपये
- SBI - 887538.29 करोड़ रुपये
- TCS - 851860.64 करोड़ रुपये
- बजाज फाइनेंस- 602983.69 करोड़ रुपये
- लार्सन एंड टुब्रो - 503027.29 करोड़ रुपये
- LIC- 498409.82 करोड़ रुपये
- Infosys - 450874.54 करोड़ रुपये
Jio IPO की प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोले आकाश अंबानी?
जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स का लक्ष्य नया इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के बजाय सॉफ्टवेयर अपग्रेड के जरिए 6G में शिफ्ट होना है। उन्होंने कंपनी की इस योजना के बारे में बताया कि वे अगली पीढ़ी के मोबाइल कम्युनिकेशन के लिए अपने मौजूदा नेटवर्क और टेक्नोलॉजी क्षमताओं का इस्तेमाल करेंगे।
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO से जुड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, अंबानी ने कहा कि इसका मकसद सॉफ्टवेयर-आधारित तरीके से 6G की ओर बढ़ना है। इससे मोबाइल नेटवर्क की पिछली पीढ़ियों के लिए लगाए गए बड़े फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से बनाने की जरूरत कम हो सकती है।
जियो ने पूरे देश में एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया है, जिसमें 3,60,000 से ज्यादा टेलीकॉम टावर और 10 लाख रूट किलोमीटर से अधिक फाइबर शामिल हैं। कंपनी अपने इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी क्षमताओं का फायदा उठाने की योजना बना रही है।
