US-ईरान युद्ध हो जाएगा समाप्त? अमेरिका से बातचीत के लिए ईरान सरकार को मिले विशेष अधिकार, तेल की कीमतों में गिरावट; सोना-चांदी चढ़े!
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए ईरान के सर्वोच्च नेता ने सरकार को अमेरिका से बातचीत ...और पढ़ें

अमेरिका से बातचीत के लिए ईरान सरकार को मिले विशेष अधिकार
HighLights
ईरान सरकार को अमेरिका से बातचीत के लिए विशेष अधिकार मिले।
कतर और पाकिस्तान मध्यस्थता से अमेरिका-ईरान संपर्क जारी।
मध्य पूर्व युद्ध समाप्त करने पर अभी समझौता नहीं।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक संपर्क जारी हैं। इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए सरकार को कुछ विशेष अधिकार दिए हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने सोमवार को यह जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि सरकार को किस तरह के अधिकार दिए गए हैं और उनका दायरा कितना होगा।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार, पेजेशकियान ने कहा कि सरकार बातचीत के माध्यम से विवाद का समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “हम बातचीत के जरिए इस मुद्दे को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में सर्वोच्च नेता ने भी सरकार को कुछ विशेष अधिकार दिए हैं।”
तेल की कीमतों में भारी गिरावट
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीद का असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला है। खबर लिखने तक सोमवार को शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.33 प्रतिशत गिरकर 111.92 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.71 प्रतिशत फिसलकर 102.34 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाद के कारोबार में दोनों प्रमुख बेंचमार्क की कीमतों में गिरावट और बढ़ी।
इसी तरह सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट के बाद तेजी देखने को मिली है। मिडिल ईस्ट तनाव अगर जल्द खत्म होता है तो एक बार फिर तेल की कीमतों में गिरावट और सोने चांदी को लेकर पॉजिटिव खबर आने की संभावना है।
बिना समझौते के खत्म हुई बातचीत
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, ईरान और कतर के मध्यस्थों के बीच युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से कई दिनों तक बातचीत हुई। हालांकि, इन चर्चाओं के बाद भी किसी ठोस समझौते पर सहमति नहीं बन सकी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि मध्यस्थों के जरिए बातचीत और विचार-विमर्श काफी तेजी से चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपनी शर्तें और प्रस्ताव सामने रख दिए हैं। अब बहुत कुछ अमेरिकी प्रशासन के रुख पर निर्भर करता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की ओर से बातचीत के प्रस्तावों में बदलाव भी किए गए हैं, ताकि किसी सहमति पर पहुंचने की स्थिति में उसे लागू करना आसान हो सके। हालांकि, दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं। परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे बातचीत को जटिल बना रहे हैं।
सरकार को अधिकार देने का क्या है महत्व?
ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में सर्वोच्च नेता को विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम मामलों में निर्णायक भूमिका हासिल है। ऐसे में अमेरिका के साथ बातचीत के लिए सरकार को अतिरिक्त अधिकार दिए जाने की घोषणा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे सरकार को कूटनीतिक प्रयास आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि इससे दोनों देशों के बीच समझौते का रास्ता साफ हो गया है।
फिलहाल, ईरान और अमेरिका के बीच संपर्क जारी हैं, लेकिन युद्ध समाप्त करने को लेकर किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है। आने वाले दिनों में अमेरिकी प्रशासन की प्रतिक्रिया और मध्यस्थ देशों के प्रयास यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि बातचीत किसी ठोस नतीजे तक पहुंचती है या नहीं।
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