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India-UK FTA: 15 जुलाई 2026 से लागू होगी डील, कृषि, फॉर्मा, कपड़ा और इन चीजों पर खत्म होगा टैक्स, चेक करें पूरी लिस्ट

Published: Thu, 18 Jun 2026 07:06 PM (IST)

भारत और ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक व्यापार और सामाजिक सुरक्षा समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू होगा, जिससे 99% भारतीय ...और पढ़ें

15 जुलाई 2026 से लागू होगी डील, कृषि, फॉर्मा, कपड़ा और इन चीजों पर खत्म होगा टैक्स, चेक करें पूरी लिस्ट

15 जुलाई 2026 से लागू होगी डील, कृषि, फॉर्मा, कपड़ा और इन चीजों पर खत्म होगा टैक्स, चेक करें पूरी लिस्ट

HighLights

  1. 15 जुलाई 2026 से भारत-ब्रिटेन FTA लागू होगा।

  2. 99% भारतीय सामान पर ब्रिटेन में कोई शुल्क नहीं।

  3. भारतीय पेशेवरों को दोहरे सामाजिक सुरक्षा अंशदान से राहत।

नई दिल्ली। भारत और ब्रिटेन (UK) के बीच होने जा रहा ऐतिहासिक व्यापार और सामाजिक सुरक्षा समझौता (Social Security Agreement) आने वाली 15 जुलाई 2026 से पूरी तरह लागू होने जा रहा है। फ्रांस के एवियन में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के पीएम कीर स्टारमर के बीच हुई एक बेहद खास मुलाकात में इस तारीख पर मुहर लगी। पीएम मोदी ने खुद सोशल मीडिया के जरिए ये गुड न्यूज शेयर की और इसे दोनों देशों के रिश्तों के लिए एक नया मील का पत्थर बताया।

पीएम मोदी ने कहा कि इससे भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को काफी बढ़ावा मिलेगा। भारतीय किसानों, कामगारों, एमएसएमई, स्टार्टअप और नवाचार के लिए कई नये अवसर पैदा होंगे और विकसित भारत 2047 को साकार करने में इसकी सार्थक भूमिका होगी। आइए जानते हैं इस फ्री ट्रेड डील से भारत को क्या फायदा होगा।

1. 99% सामान पर नहीं लगेगी कोई ड्यूटी

इस समझौते के लागू होते ही भारत से ब्रिटेन जाने वाले करीब 99 फीसदी सामान पर जीरो ड्यूटी यानी कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे भारतीय प्रोडक्ट्स को ब्रिटिश मार्केट में सीधे एंट्री मिलेगी और वे अन्य देशों के मुकाबले काफी सस्ते और कॉम्पिटिटिव हो जाएंगे।

इन सेक्टर्स को मिलेगा सबसे बड़ा बूस्ट:

  • प्रोसेस्ड फूड: अब तक लगने वाला 70% तक का भारी-भरकम टैक्स पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
  • मरीन प्रोडक्ट्स (सी-फूड): इस पर लगने वाले 21.5% तक के टैक्स से मुक्ति मिलेगी।
  • इंजीनियरिंग और ऑटो पार्ट्स: करीब 18% तक की टैक्स कटौती का फायदा मिलेगा।
  • जूते और चमड़े का सामान: 16% तक का टैक्स पूरी तरह हट जाएगा।
  • कपड़ा और गारमेंट्स: 12% ड्यूटी टैक्स खत्म होने से भारतीय टेक्सटाइल इंडस्ट्री को नई रफ्तार मिलेगी।
  • केमिकल और फार्मा: दवाओं और केमिकल्स पर लगने वाला 8% टैक्स अब नहीं देना होगा।

इसके अलावा आईटी, एजुकेशन और प्रोफेशनल सर्विसेज जैसे करीब 137 सब-सेक्टर्स में सर्विस एक्सपोर्ट का दायरा काफी बढ़ जाएगा।

2. प्रवासी भारतीयों को टैक्स से बड़ी राहत

लंदन या ब्रिटेन के अन्य शहरों में काम कर रहे भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए ये समझौता एक बड़ी सौगात लेकर आया है। सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट के तहत अब वहां अस्थाई रूप से काम कर रहे भारतीयों को 'दोहरा सोशल सिक्योरिटी अंशदान' यानि कि डबल टैक्स नहीं देना होगा।

इस फैसले से ब्रिटेन में मौजूद 75 हजार से ज्यादा भारतीय प्रोफेशनल्स और वहां काम कर रही 900 से अधिक भारतीय कंपनियों की सीधी बचत होगी। राहत की बात ये भी है कि सरकार ने इस छूट की समय सीमा को 3 साल से बढ़ाकर अब 5 साल कर दिया है।

3. MSMEs और स्टार्टअप्स के लिए खुलेंगे नए रास्ते

पीएम मोदी के मुताबिक, इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से सिर्फ बड़े बिजनेसमैन को ही नहीं, बल्कि देश के छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME), किसानों, कारीगरों और नए नवेले स्टार्टअप्स को भी अपनी कमाई बढ़ाने का मौका मिलेगा। ये डील साल 2047 तक 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने में एक मजबूत स्तंभ साबित होगी। देश के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी इसे 'अगली पीढ़ी का समझौता' बताते हुए दोनों देशों को बधाई दी है।

कैसे हुआ ये समझौता?

मालूम हो कि इस ऐतिहासिक मुकाम तक पहुंचने के लिए भारत और यूके के बीच लगभग 14 दौर की लंबी और गंभीर बातचीत हुई थी। 6 मई 2025 को दोनों देशों ने समझौते के ड्राफ्ट को फाइनल किया। उसके बाद 24 जुलाई 2025 को पीएम मोदी और कीर स्टारमर की मौजूदगी में इस पर आधिकारिक दस्तखत हुए थे। फिर 10 फरवरी 2026 को डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन पर साइन किए गए थे और अब आखिर में 15 जुलाई 2026 को इस फ्री ट्रेड डील पर साइन होने वाले हैं।

इस डील पर बात करते हुए AEPC के चेयरमैन डॉ. ए. सक्थिवेल ने कहा कि ये FTA भारतीय परिधान निर्यातकों के लिए वाटरशेड मूमेंट साबित होगा। उन्होंने आगे कहा कि, "इस समझौते से UK मार्केट में भारतीय कपड़ों पर लगने वाले टैरिफ पूरी तरह खत्म हो जाएंगे। इससे हमारे एक्सपोर्टर्स को बड़ा कॉम्पिटिटिव एडवांटेज मिलेगा और UK के बड़े मार्केट में हम बेहतर कीमत पर सामान बेच पाएंगे।"

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