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देश के पहले ट्रक 'TMB 312' की कहानी, किसने बनाया था ये फौलादी वाहन; कहां से आए थे टायर और कलपुर्जे?

Published: Sat, 03 Oct 2026 03:56 PM (IST)

भारत का पहला ट्रक 'टाटा मर्सिडीज़-बेंज़ 312' (TMB 312) था, जिसे 1954 में टेल्को और जर्मन कंपनी डेमलर-बेंज़ ने मिलकर पुणे में बनाया था।

यह भारत की धरती पर बनने वाला पहला हेवी-ड्यूटी कमर्शियल ट्रक था।

यह भारत की धरती पर बनने वाला पहला हेवी-ड्यूटी कमर्शियल ट्रक था। 

HighLights

  1. भारत का पहला ट्रक TMB 312, 1954 में बनकर तैयार हुआ।

  2. टेल्को और डेमलर-बेंज़ ने मिलकर पुणे में इसका निर्माण किया।

  3. इसने भारतीय सड़क परिवहन और लॉजिस्टिक्स की मजबूत नींव रखी।

नई दिल्ली। 1947 में आजादी के बाद भारत, तेजी से औद्योगीकरण की दिशा में आगे बढ़ा। 50 के दशक में मशीनीकरण और कारखानों की शुरुआत का दौर आया और भारत आयात के बजाय कई सामानों का उत्पादन करने लगा। इसी दौरान साल 1954 में वह वक्त आया जब भारत में पहला ट्रक बनकर तैयार हुआ। भारत में ट्रक, ट्रांसपोर्ट का एक अहम माध्यम है। वैसे तो ट्रक, माल ढुलाई के लिए है लेकिन देश में एक वक्त वह भी था जब लोग ट्रक की सवारी भी करते थे और इसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तौर पर भी इस्तेमाल किया गया।

क्या आप जानते हैं भारत में बना पहला ट्रक कौन-सा था और इसे किस कंपनी ने बनाकर तैयार किया। आइये आपको बताते हैं भारत के पहले ट्रक की कहानी और उसके निर्माण से जुड़ा दिलचस्प इतिहास

भारत का पहला ट्रक 'TMB 312'

भारत में बना पहला ट्रक 'टाटा मर्सिडीज़-बेंज़ 312' (TMB 312) था। इस ट्रक को साल 1954 में TELCO (टाटा इंजीनियरिंग एंड लोकोमोटिव कंपनी अब टाटा मोटर्स) ने जर्मन कंपनी डेमलर-बेंज़ (मर्सिडीज़-बेंज़) के साथ मिलकर बनाया था। इस ट्रक का निर्माण पुणे स्थित टेल्को (TELCO) प्लांट में शुरू हुआ था। टाटा मोटर्स की स्थापना 1945 में लोकोमोटिव बनाने वाली कंपनी के तौर पर हुई थी।

JRD Tata की जर्मनी यात्रा

जेआरडी टाटा, जिन्हें "आधुनिक भारत का जनक" भी कहा जाता है, ने 20वीं सदी के बीच में जर्मनी का दौरा किया ताकि एक बड़ी ऑटोमोटिव कंपनी, डेमलर-बेंज के साथ साझेदारी की जा सके। इस यात्रा का मकसद भारत में एडवांस्ड ट्रक टेक्नोलॉजी लाना था और इसी का नतीजा रहा कि 1954 में सफल जॉइंट वेंचर के तहत टाटा का पहला ट्रक बनकर तैयार हुआ। TMB 312 डीज़ल इंजन वाला एक मीडियम-ड्यूटी ट्रक था। उस समय मौजूद दूसरे ट्रकों की तुलना में यह बहुत एडवांस्ड ट्रक था। 

मजबूती का दूसरा नाम TMB 312

TMB 312 बहुत एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वाला एक मज़बूत ट्रक था। इसी वजह से 1955 में जिनेवा-बॉम्बे रैली में ऐसे तीन ट्रक बिना किसी खराबी के आठ हज़ार मील का सफ़र तय कर पाए। TMB के सहयोग से मर्सिडीज़ के स्टार एम्बलम वाला एक और ट्रक लॉन्च किया गया, जिसका नाम 1210 रखा गया। इस ट्रक को 1954 में टाटा द्वारा अपना पहला ट्रक लॉन्च किए जाने के दस साल बाद पेश किया गया था। TMB 1210 की पेलोड क्षमता TMB 312 की तुलना में 40% ज़्यादा थी।

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यह भारत की धरती पर बनने वाला पहला हेवी-ड्यूटी कमर्शियल ट्रक था। इसी ट्रक ने भारत में सड़क परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की मजबूत नींव रखी थी। यह 312 मॉडल इतना सफल रहा कि यह दशकों तक भारतीय सड़कों पर सामान ढुलाई का सबसे भरोसेमंद साधन बना रहा।