टाटा मोटर्स का बड़ा दांव! सिर्फ ₹2.6 लाख में खरीदी ई-मोबिलिटी कंपनी की 26% हिस्सेदारी; EV बस कारोबार से जुड़ा है प्लान
Tata Motors News: टाटा मोटर्स की सहायक कंपनी टीएमएल स्मार्ट सिटी मोबिलिटी सॉल्यूशंस ने हैदराबाद की मातेश्वरी ई-स्मार्ट मोबिलिटी में 2.6 लाख रुपये में 26% हिस्सेदारी खरीदी है।
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टाटा मोटर्स ने मातेश्वरी ई-स्मार्ट मोबिलिटी में 26% हिस्सेदारी खरीदी, इलेक्ट्रिक बस कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| टाटा मोटर्स ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कारोबार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में एक और कदम उठाया है। कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी टीएमएल स्मार्ट सिटी मोबिलिटी सॉल्यूशंस (TML Smart City Mobility Solutions) ने हैदराबाद की मातेश्वरी ई-स्मार्ट मोबिलिटी (Mateshwari E-Smart Mobility-Hyderabad) में 26% हिस्सेदारी खरीदी है। इस सौदे के लिए कंपनी ने सिर्फ 2.6 लाख रुपए का भुगतान किया है।
टाटा मोर्टर्स ने खरीदे 26 हजार इक्विटी शेयर
टाटा मोटर्स ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि यह ट्रांजैक्शन 28 सितंबर को पूरा हुआ। टीएमएल स्मार्ट सिटी मोबिलिटी सॉल्यूशंस ने मातेश्वरी ई-स्मार्ट मोबिलिटी के 26,000 इक्विटी शेयर खरीदे हैं। प्रत्येक शेयर की कीमत 10 रुपये थी। इस निवेश के बाद मातेश्वरी ई-स्मार्ट मोबिलिटी अब टाटा मोटर्स की एसोसिएट कंपनी बन गई है।
मातेश्वरी ई-स्मार्ट मोबिलिटी को 11 अगस्त 2026 को ही शामिल किया गया था। कंपनी को ई-मोबिलिटी से जुड़े कारोबार के लिए बनाया गया है। इसका अधिकृत और पेड-अप कैपिटल 10 लाख रुपए है। नई कंपनी होने की वजह से पिछले तीन वर्षों का कोई टर्नओवर रिपोर्ट नहीं किया गया है।
कंपनी को मिला बसों के मेंटेनेंस का टेंडर
यह निवेश तेलंगाना में टाटा मोटर्स के इलेक्ट्रिक बस कारोबार से जुड़ा है। कंपनी टीएमएल स्मार्ट सिटी मोबिलिटी सॉल्यूशंस और मातेश्वरी ई-स्मार्ट मोबिलिटी की होल्डिंग कंपनी मातेश्वरी अर्बन ट्रांसपोर्ट सॉल्यूशंस (Mateshwari Urban Transport Solutions) को तेलंगाना स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन से इलेक्ट्रिक बसों के ऑपरेशन और मेंटेनेंस का टेंडर मिला है।
टाटा मोटर्स ने कहा कि,
उसकी सहायक कंपनी नगर निगमों की ओर से जारी इलेक्ट्रिक बसों के ऑपरेशन और मेंटेनेंस से जुड़े टेंडरों में हिस्सा ले रही है। 26% हिस्सेदारी खरीदना भी कंपनी के कारोबारी उद्देश्यों के अनुरूप है।"
यह सौदा मौजूदा शेयरधारक से इक्विटी शेयर ट्रांसफर के बदले कैश भुगतान के जरिए हुआ। इसके लिए किसी सरकारी या रेगुलेटरी मंजूरी की जरूरत नहीं पड़ी। कंपनी ने यह भी कहा कि सौदा संबंधित पक्ष का लेनदेन नहीं था। हालांकि, निवेश के बाद मातेश्वरी ई-स्मार्ट मोबिलिटी टाटा मोटर्स की एसोसिएट और संबंधित पक्ष बन गई है।
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