एक ऐसी जमीन जो उगलती है बेशुमार हीरे, 'डायमंड लैंड' ने कैसे बदल दी देश की किस्मत?
The diamond land: बोत्सवाना को 'डायमंड लैंड' के नाम से जाना जाता है, जिसने 1967 में हीरे की खोज के बाद अपनी गरीबी दूर कर आर्थिक तरक्की की।
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हीरों ने बदल दी इस देश की किस्मत (ai photo)
HighLights
बोत्सवाना को 'डायमंड लैंड' के रूप में जाना जाता है।
1967 में हीरे की खोज ने देश की किस्मत बदली।
दुनिया के सबसे बड़े हीरे बोत्सवाना की खदानों से मिले।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: सोने-चांदी का बात तो बहुत होती है। लेकिन हीरे का कोई जवाब नहीं। क्योंकि हीरा के दाम आम आदमी के पहुंच के बाहर होते हैं ऐसे में ये जानना बेहद दिलचस्प होगा कि हीरा की देश में सबसे ज्यादा पाया जाता है। आखिर कौन-सा है वो देश जहां की धरती से निकलता है भर-भरकर डायमंड। आइए आपको बताते हैं कि दुनिया का कौन सा लैंड "डायमंड लैंड" के नाम से जाना जाता है।
कहां है'डायमंड लैंड'?
अफ्रीका का बोत्सवाना आज दुनिया के प्रमुख हीरा उत्पादक देशों में गिना जाता है। यहां की अर्थव्यवस्था में हीरों की भूमिका इतनी बड़ी है कि देश की पहचान ही ‘डायमंड लैंड’ (Diamond Land) के तौर पर बन गई है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि कभी बोत्सवाना दुनिया के सबसे गरीब देशों में शामिल था। आज यह ऊपरी-मध्यम आय वाले देशों की श्रेणी में पहुंच चुका है। इसकी आर्थिक कहानी में हीरों की खोज सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई।
आजादी के वक्त बेहद गरीब था बोत्सवाना
बोत्सवाना (Botswana) को ब्रिटेन से 1966 में आजादी मिली थी और 1967 में यहां पहली बार हीरा मिला था। उस समय देश की अर्थव्यवस्था बेहद छोटी थी और प्रति व्यक्ति आय भी बहुत कम थी। विश्व बैंक के मुताबिक, आजादी के समय बोत्सवाना दुनिया के सबसे गरीब देशों में शामिल था। इसके बाद देश में बड़े पैमाने पर हीरे के भंडार मिलने शुरू हुए और आर्थिक तस्वीर तेजी से बदलने लगी।
बोत्सवाना के खदानों से निकले हैं सबसे बड़े हीरे
बोत्सवाना की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से हीरों पर टिकी है, जो देश के राष्ट्रीय राजस्व का करीब एक-तिहाई और विदेशी मुद्रा भंडार का तीन-चौथाई हिस्सा लेकर आते हैं। यहां की खदानों का इतिहास बेहद समृद्ध है, जहां से दुनिया के सबसे विशाल और बेशकीमती हीरे निकाले गए हैं। बोत्सवाना की धरती से निकले इन्हीं दुर्लभ हीरों ने कई राजा-महाराजाओं के ताज की रौनक भी बढ़ाई है।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक दूसरा सबसे बड़ा हीरा 2024 में बोत्सवाना के खदानों से ही निकला गया था। एक 2,492 कैरेट का कच्चा हीरा - बोत्सवाना में कनाडाई कंपनी लुकारा डायमंड के स्वामित्व वाली एक खदान से निकला गया था। यह 1905 में दक्षिण अफ्रीका में पाए गए 3,106 कैरेट के कलिनन हीरे के बाद की सबसे बड़ी खोज थी। जिसे नौ अलग-अलग पत्थरों में काटा गया था। इनमें से कई ब्रिटिश क्राउन ज्वेल्स में हैं।
दूसरा सबसे बड़ा हीरा बोत्सवाना की राजधानी गैबोरोन से लगभग 500 किलोमीटर (300 मील) उत्तर में स्थित कारोवे खदान में पाया गया था। बोत्सवाना में इससे पहले सबसे बड़ी खोज 2019 में इसी खदान में हुई थी। जब 1,758 कैरेट का हीरा मिला था।
कितनी होती है एक हीरे की कीमत?
रिपोर्ट की मानें तो इस हीरे की कीमत करीब 40 मिलियन डॉलर यानी 3.6 अरब रुपये थी। ब्रिटेन के अखबार फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक बताया कि 2019-मिले 1,758 कैरेट के इस हीरे को फ्रांसीसी फैशन ब्रांड लुई वुइटन ने एक अज्ञात राशि में खरीदा था। 2016 में उसी खदान में मिले 1,109 कैरेट के हीरे को 2017 में लंदन के जौहरी लॉरेंस ग्राफ, जो ग्राफ डायमंड्स के अध्यक्ष हैं, ने 63 मिलियन डॉलर में खरीदा था।
