शेयर बाजार में भारी गिरावट के बाद आई अच्छी खबर, 4 महीने के उच्च स्तर पर IIP ग्रोथ, क्या कल मार्केट पर दिखेगा असर?
शेयर बाजार में गिरावट के बाद अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अच्छी खबर आई है। दिसंबर में भारत का कोर इंफ्रास्ट्रक्चर ...और पढ़ें
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कोर इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट में दिसंबर में चार महीने की सबसे ज़्यादा 3.7 प्रतिशत की तेज़ी आई।
HighLights
दिसंबर में कोर इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट 3.7% बढ़ा।
स्टील, सीमेंट, बिजली क्षेत्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया।
तेल और गैस उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई।
नई दिल्ली। शेयर बाजार (Share Market Fall) में हुई भारी गिरावट के बाद अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक अच्छी खबर आई है। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के कोर इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट में दिसंबर में चार महीने की सबसे ज़्यादा 3.7 प्रतिशत की तेज़ी आई, जो नवंबर के 2.1 प्रतिशत से ज़्यादा है। यह तेज़ी स्टील, सीमेंट और बिजली सेक्टर में बेहतर परफॉर्मेंस की वजह से आई, जबकि तेल और गैस सेक्टर में गिरावट जारी रही।
8 मुख्य इंडस्ट्रीज़, कोयला, कच्चा तेल, नेचुरल गैस, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स, फर्टिलाइज़र, स्टील, सीमेंट और बिजली—मिलकर इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंडेक्स (IIP) का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा बनाती हैं। यह बेहतर IIP डाटा 21 जनवरी के सेशन में बाजार को थोड़ी राहत दे सकता है।
स्टील और सीमेंट सेक्टर का प्रदर्शन बेहतर
दिसंबर में स्टील और सीमेंट सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले रहे, जो कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर एक्टिविटी में लगातार तेज़ी को दिखाता है। स्टील का उत्पादन 6.9 प्रतिशत बढ़ा, जबकि सीमेंट का उत्पादन 13.5 प्रतिशत बढ़ा, जो इस साल की सबसे अच्छी ग्रोथ में से एक है।
बिजली उत्पादन भी बेहतर रहा, नवंबर में गिरावट के बाद इसमें 5.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई - जो नौ महीनों में सबसे तेज़ गति है।
क्रूड और नेचुरल गैस का उत्पादन गिरा
कोयले के उत्पादन में ग्रोथ बढ़कर 3.6 प्रतिशत हो गई, जिससे अक्टूबर में दिखी कमजोरी खत्म हो गई, हालांकि फ्यूल से जुड़े सेगमेंट्स में ट्रेंड मिला-जुला रहा। कच्चे तेल का उत्पादन 5.6 प्रतिशत गिर गया, जबकि नेचुरल गैस का उत्पादन 4.4 प्रतिशत कम हो गया, जो घरेलू हाइड्रोकार्बन उत्पादन में लगातार बनी स्ट्रक्चरल दिक्कतों को दिखाता है। रिफाइनरी प्रोडक्ट्स में भी 1 प्रतिशत की गिरावट जारी रही।
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जहां मेटल, सीमेंट और फर्टिलाइजर ने हेडलाइन ग्रोथ को सपोर्ट किया है, वहीं फ्यूल से जुड़े सेक्टर - कच्चा तेल, नेचुरल गैस और रिफाइनरी प्रोडक्ट - ग्रोथ में रुकावट बने हुए हैं। दिसंबर में कोर सेक्टर के आउटपुट में रिकवरी से आने वाले महीनों में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन को थोड़ी मदद मिल सकती है।
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