India US Trade Deal को लेकर अमेरिका से बातचीत पूरी, अंतिम नतीजे पर सस्पेंस बरकरार!
India US Trade Deal: भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर दो दिवसीय मंत्रिस्तरीय वार्ता समाप्त हो गई है। ...और पढ़ें
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India US Trade Deal को लेकर अमेरिका से बातचीत पूरी
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते (India US Trade Deal) को लेकर दो दिवसीय महत्वपूर्ण मंत्रिस्तरीय वार्ता बुधवार को समाप्त हो गई। दोनों देश 24 जुलाई को समाप्त हो रहे अमेरिका के अस्थायी 10 प्रतिशत टैरिफ से पहले इस समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वार्ता के बाद जारी आधिकारिक बयान में किसी अंतिम नतीजे या समझौते का एलान नहीं किया गया।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर की अगुआई में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल 22 से 24 जून तक भारत में था। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ हुई बैठक में बाजार पहुंच, डिजिटल व्यापार, गैर-टैरिफ बाधाओं, सप्लाई चेन मजबूती और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
वाणिज्य मंत्रालय ने बताया है कि दोनों पक्षों ने फरवरी 2026 के संयुक्त बयान के अनुरूप अंतरिम समझौते पर प्रगति की समीक्षा की।
वाणिज्य मंत्रालय का कहना है कि वार्ता टीमों ने समझौते के प्रमुख तत्वों पर काफी प्रगति की है। हालांकि, यह भी साफ है कि दोनों मंत्रियों की अगुआई में अंतरिम समझौते को पूरी तरह अंतिम रूप देने के रास्तों पर चर्चा हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा अभी सामने नहीं आया।
पीयूष गोयल ने दी जानकारी
मंत्री पीयूष गोयल ने इंटरनेट मीडिया पर लिखा, "मैं अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ग्रीर की अगुआई और दोनों टीमों के निरंतर प्रयासों की सराहना करता हूं। हमने सकारात्मक और भविष्योन्मुखी तरीके से चर्चा की।"
Concluded a series of meetings with @USTradeRep Ambassador Jamieson Greer and his delegation this morning.
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) June 24, 2026
We reviewed progress of the ongoing India–U.S. trade discussions and explored avenues to further deepen our economic partnership.
I appreciate Ambassador Greer’s… pic.twitter.com/FjQ8AWMyYO
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब अमेरिका में टैरिफ नीति में बदलाव और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पहले के फ्रेमवर्क को दोबारा तैयार करना पड़ा था। फरवरी में तय हुए ढांचे में अमेरिका ने भारतीय सामान पर टैरिफ घटाने का वादा किया था, लेकिन बाद में 10 प्रतिशत अस्थायी टैरिफ लगाए जाने से स्थिति बदल गई। भारत का जोर है कि दोनों देशों के बीच होने वाले समझौते में एक ऐसा खंड शामिल किया जाए कि टैरिफ में बदलाव होने पर एक-दूसरे देश पर लागू दरों में आवश्यक संशोधन किया जा सके।
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