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India US Trade Deal पर 'महाबैठक', टैरिफ के खेल का होगा खात्मा; डील पर सील लगाने की हुई तैयारी?

By Jagran BusinessEdited By: Gyanendra Tiwari
Published: Tue, 02 Jun 2026 07:48 PM (IST)

India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए नई दिल्ली ...और पढ़ें

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते पर तीन दिवसीय वार्ता शुरू

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते पर तीन दिवसीय वार्ता शुरू

HighLights

  1. भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते पर तीन दिवसीय वार्ता शुरू।

  2. टैरिफ में बदलाव और व्यापक समझौते पर हो रही चर्चा।

  3. अमेरिकी दल का नेतृत्व ब्रेंडन लिंच, भारतीय दल का दर्पण जैन।

भाषा, नई दिल्ली। India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते के प्रावधानों को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार को तीन-दिवसीय वार्ता शुरू हो गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। यह बातचीत वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुख्यालय ‘वाणिज्य भवन’ में हो रही है।

अमेरिकी दल का नेतृत्व उसके मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच कर रहे हैं, जबकि भारतीय पक्ष का नेतृत्व वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्ष अंतरिम समझौते के विवरण को अंतिम रूप देने के साथ व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत को आगे बढ़ाने पर भी विचार कर रहे हैं।

फरवरी में हुई थी ये घोषणा

दोनों देशों ने फरवरी में इस समझौते की रूपरेखा (India US Trade Deal) तय करने की घोषणा की थी। सात फरवरी को जारी बयान में अमेरिका ने भारत पर शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई थी और रूसी तेल खरीद से जुड़े 25 प्रतिशत शुल्क को भी हटा दिया था।

बाकी शुल्क को भी घटाकर 18 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि, 20 फरवरी को अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक जवाबी सीमा शुल्कों को खारिज कर दिया। इसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने 24 फरवरी से 150 दिन के लिए सभी देशों पर 10 प्रतिशत का समान शुल्क लागू करने की घोषणा की।

किन चीजों पर रहेगा फोकस?

एक अधिकारी के अनुसार, इन बदलावों को ध्यान में रखते हुए दोनों पक्ष समझौते की रूपरेखा की समीक्षा कर सकते हैं। इससे पहले अप्रैल में वाशिंगटन में भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई थी। प्रस्तावित ढांचे के तहत भारत ने अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों पर शुल्क समाप्त या कम करने के साथ कई कृषि एवं खाद्य उत्पादों पर रियायत देने का भी प्रस्ताव रखा है।

इनमें पशु आहार का लाल ज्वार, मेवे, ताजा एवं प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, वाइन और अन्य उत्पाद शामिल हैं। भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान एवं उनके कलपुर्जे, कीमती धातुएं, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदने की भी मंशा जताई है।

अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी शुल्क ढांचे में हाल के बदलावों के कारण इस समझौते में संशोधन की जरूरत पड़ सकती है, ताकि भारत को श्रीलंका, पाकिस्तान एवं बांग्लादेश जैसे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले शुल्क के मामले में बढ़त मिल सके।

अमेरिका, भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का अमेरिका को निर्यात 0.92 प्रतिशत बढ़कर 87.3 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 15.95 प्रतिशत बढ़कर 52.9 अरब डॉलर हो गया। इस दौरान व्यापार अधिशेष घटकर 34.4 अरब डॉलर रह गया, जो एक साल पहले 40.89 अरब डॉलर था।

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