नई दिल्ली, पीटीआइ। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इकोनॉमी को रिवाइव करने के लिए अधिक नीतिगत उपायों का आश्वासन दिया है। उन्होंने बल देकर कहा कि इकोनॉमी में रिकवरी के संकेत नजर आ रहे हैं और कृषि क्षेत्र ग्रोथ की अगुवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली और ऊर्जा की खपत, सामानों की राज्यों के भीतर और अंतरराज्यीय ढुलाई, पीएमआई डेटा और खुदरा वित्तीय लेनदेन में बढ़ोत्तरी हो रही है। 'India Ideas Summit' को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा कि सरकार ने जीडीपी के 10 फीसद के बराबर के राहत पैकेज की घोषणा की है, जिसका असर अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में दिख रहा है। 

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सीतारमण ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ''सभी विकल्प खुले हुए हैं...भविष्य में कदम उठाए जाएंगे।''

वित्त मंत्री ने उद्योग जगत को आश्वस्त करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को जल्द पटरी पर लाने के लिए सरकार और कदम उठाने से नहीं हिचकेगी। मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र की अगुवाई में आर्थिक वृद्धि हो रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को अमेरिका-भारत व्यापार परिषद की ओर से आयोजित इस सालाना सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

सीतारमण ने कहा कि रबी की अच्छी पैदावार होने और खरीफ के बंपर उत्पादन की उम्मीद के साथ ग्रामीण इलाके में अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटने लगी है। 

उन्होंने स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भर भारत का मतलब यह नहीं है कि हम आयात और निर्यात के लिए रास्ते बंद कर रहे हैं। सीतारमण ने कहा, ''हम भारत को मजबूत बनाना चाहते हैं। हम भारत को आर्थिक दृष्टिकोण से मजबूत देखना चाह रहे हैं।''

निजी क्षेत्र के लिए विभिन्न सेक्टर्स को खोले जाने पर वित्त मंत्री ने कहा कि प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए हर क्षेत्र में निजी कंपनियों को इजाजत दी गई है।

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