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अब सस्ता होगा खाने का तेल! सरकार ने की इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती, कब से लागू होगा फैसला?

Published: Thu, 24 Sep 2026 01:06 PM (IST)

सरकार ने आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सोयाबीन, पाम और सूरजमुखी तेल पर आयात शुल्क में कटौती की ...और पढ़ें

आयातित खाद्य तेलों से ड्यूटी हुई कम

आयातित खाद्य तेलों से ड्यूटी हुई कम

HighLights

  1. सरकार ने खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में कटौती की घोषणा की।

  2. सोयाबीन, पाम और सूरजमुखी तेल पर शुल्क घटाया गया।

  3. इस कदम से खुदरा कीमतों में कमी आने की उम्मीद है।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| खाद्य तेलों की बढ़ती महंगाई के बीच सरकार ने आम उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाया है। सोयाबीन, पाम और सूरजमुखी तेल पर इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती का फैसला लिया गया है, जो गुरुवार 24 सितंबर से लागू है। सरकार के फैसले के बाद उद्योग संगठन भारतीय वनस्पति तेल उत्पादक संघ (IVPA) ने यह उम्मीद जताई है कि खाद्य तेल की खुदरा कीमतों में कमी आ सकती है।

कौन से तेल पर कितना घटा शुल्क?

भारत अपनी कुल खाद्य तेल जरूरत का करीब 60 प्रतिशत आयात के जरिए पूरा करता है। सरकार ने बुधवार को कच्चे सूरजमुखी तेल पर मूल सीमा शुल्क (BCD) 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया। वहीं, रिफाइंड सूरजमुखी तेल पर BCD 32.5 प्रतिशत से घटाकर 22.5 प्रतिशत कर दिया गया है। कच्चे सोयाबीन तेल और पाम तेल पर BCD 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत तो वहीं रिफाइंड सोयाबीन तेल और पाम तेल पर 32.5 प्रतिशत से घटाकर 27.5 प्रतिशत किया गया है।

आम लोगों को मिलेगी महंगाई से राहत?

IVPA के अध्यक्ष सुधाकर देसाई ने कहा कि कुछ खाद्य तेलों के आयात पर सीमा शुल्क घटाने का फैसला ऐसे महत्वपूर्ण समय में आया है, जब त्योहारी मौसम नजदीक है। उन्होंने कहा, ‘‘कम आयात शुल्क से आयातित खाद्य तेल की लागत कम होनी चाहिए, जिससे उपभोक्ता कीमतों में कुछ कमी आ सकती है।’’ देसाई ने कहा कि खाद्य तेल उद्योग के लिए तत्काल प्राथमिकता आगामी त्योहारी महीनों के दौरान देशभर में पर्याप्त सप्लाई बनाए रखना है।

उन्होंने आगे कहा कि सूरजमुखी तेल पर शुल्क में अधिक कटौती की गई है, जिससे यह अधिक किफायती होगा, खासकर दक्षिण भारत के प्रमुख उपभोक्ता क्षेत्र में। देसाई ने कहा, ‘‘सूरजमुखी तेल और सोयाबीन तेल के आयात में अधिक फ्लैक्सिबिलिटी आने से पाम तेल की मांग कम हो सकती है।

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खाद्य तेलों का आयात बिल बढ़ेगा

उद्योग संगठन सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) के अनुसार, अधिक मात्रा में आयात और रुपये में गिरावट के कारण अक्टूबर में समाप्त होने वाले मौजूदा मार्केटिंग ईयर में भारत का खाद्य तेल आयात बिल 9 फीसदी बढ़कर ₹1.75 लाख करोड़ होने का अनुमान है। भारत पाम तेल का आयात मलेशिया और इंडोनेशिया से करता है, जबकि सोयाबीन तेल अर्जेंटीना और ब्राजील से आयात किया जाता है।