अब कुकिंग ऑयल होगा सस्ता? त्योहारों के बीच बढ़ती महंगाई को कंट्रोल करने के लिए सरकार का मास्टर प्लान
भारत सरकार त्योहारी सीजन में बढ़ती खाद्य तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए आयात शुल्क में कटौती पर ...और पढ़ें

खाने का तेल सस्ता करने का मास्टर प्लान
HighLights
पिछले एक साल में खाद्य तेल 20% महंगा हुआ।
सरकार त्योहारी सीजन में आयात शुल्क घटाने पर विचार कर रही।
5% कटौती से उपभोक्ताओं को सस्ता तेल मिलने की उम्मीद।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| भारत दुनिया के सबसे बड़े खाद्य तेल के आयातक देशों में शामिल है। इन दिनों देश में पहले से ही आम उपभोक्ता पर रसोई बजट का दबाव बना हुआ है, ऐसे में आयातित तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले 1 साल में भारत के खाद्य तेल की कीमतों में करीब 20% का उछाल आया है।
सरकारी अधिकारियों के हवाले से सामने आई है कि भारत त्योहारी सीजन के दौरान खाने के तेल की कीमतों को कंट्रोल करने के लिए इंपोर्ट पर लगने वाले शुल्क को कम कर सकता है।
सरकार कितना टैक्स घटा सकती है?
मीडिया रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार एडिबल ऑयल पर बेसिक इंपोर्ट ड्यूटी में करीब 5% की कटौती करने पर विचार किया जा सकता है। इंपोर्ट ड्यूटी में कमी आने से आयातित तेलों की कीमत भी कम होगी, जिससे आम ग्राहकों को बाजारों में सस्ता तेल मिलने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं दूसरी ओर सरकार को देश के किसानों के हितों का भी ध्यान रख कर फैसला लेना है। अगर विदेशी तेल का आयात बहुत सस्ता हो जाता है तो घरेलू सोयाबीन और दूसरे तिलहन की कीमतों पर दबाव आ सकता है, जिससे किसानों को कम फायदा मिलने की आशंका होगी। फिलहाल सरकार की ओर से तेलों की कीमत कम करने और भारतीय किसानों को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने के लिए 5% इंपोर्ट ड्यूटी घटाने पर चर्चा है।
त्योहारों में राहत देने के लिए हुआ फैसला
सितंबर से दिसंबर के बीच आमतौर पर देश में खाद्य तेलों की बंपर मांग रहती है। इन दिनों गणेशोत्सव, नवरात्रि, दिवाली सहित कई प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं। नवंबर-दिसबंर में शादियों का सीजन भी शुरू हो जाता है, जिससे तेल की डिमांड हाई रहती है। इस दौरान तेल की महंगाई से राहत देने के लिए सरकार ने शुल्क घटाने पर विचार किया है।
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भारत इन देशों से मंगाता है खाने का तेल
भारत अपनी जरूरत का लगभग 66 फीसदी हिस्सा आयात करता है। इसमें से पाम ऑयल के लिए मुख्यरूप से इंडोनेशिया और मलेशिया, सोयाबीन के तेल के लिए अर्जेंटीना और ब्राजील, सूरजमुखी के लिए रूस का रूख करता है। इसके अलावा पड़ोसी देश नेपाल और थाईलैंड से भी अपनी जरूरत का तेल मंगाता है। सरकार विदेशी निर्भरता कम करने के लिए इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता मिशन पर काम कर रही है।
