भारत के Agri और Sea Food को इंटरनेशनल मार्केट में मिलेगी मजबूती, किसानों-मछुवारों को तगड़ा फायदा देने का प्लान तैयार
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय कृषि और समुद्री खाद्य उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक ...और पढ़ें

कृषि और मत्स्य क्षेत्र का इंटरनेशनल मार्केट मजबूत करने की तैयारी
HighLights
भारतीय कृषि-समुद्री उत्पादों के निर्यात हेतु रोडमैप तैयार।
SPS स्वीकृति से किसानों, मछुआरों की आय बढ़ेगी।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मिलेगा मजबूती का आधार।
नई दिल्ली| पिछले कुछ सालों से भारत के एग्रीकल्चर और सीफूड सेक्टर (Agri & Seafood Secto) को बढ़ाने पर खूब जोर दिया जा रहा है। 07 मई को केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इंटरनेशनल मार्केट में भारतीय कृषि और मत्स्य उत्पादों के लिए स्वच्छता और पादप स्वच्छता {Sanitary and Phytosanitary (SPS)} की स्वीकृति लेने के लिए रोड मैप तैयार किया गया, जिसका उद्देश्य निर्यात को बढ़ावा देना और किसानों और मछुआरा समुदाय के लिए आय के अवसरों में सुधार करना है।
एक्सपोर्ट बढ़ाने पर फोकस
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य निर्यात को बढ़ावा देना, किसानों और मछुआरों की आय में वृद्धि करना और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मजबूत करना है। इसके साथ ही गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, स्थिरता, बाजार पहुंच, सर्टिफिकेशन सिस्टम को मजबूत करने और सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों के माध्यम से उच्च मूल्य प्राप्ति (High-Value Realization) को बढ़ावा देने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।
क्या है SPS?
स्वच्छता एवं पादप स्वच्छता (SPS) वे अंतरराष्ट्रीय नियम और मानक हैं, जिनका उद्देश्य मनुष्यों, जानवरों और पौधों के जीवन को बीमारियों, कीटों या संदूषकों (जैसे भोजन में कीटनाशक) से बचाना है। इन नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आयातित कृषि और मत्स्य उत्पाद किसी अन्य देश के बाजार में प्रवेश करने से पहले हानिकारक रसायनों, कीटों और रोगों से मुक्त हों। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक का मुख्य बिंदु SPS के अप्रूवल के लिए शानदार रोडमैप तैयार करना था।
Chaired a meeting to prepare a roadmap for obtaining SPS (Sanitary and Phytosanitary) approvals for Indian agricultural and fisheries products across global markets, aimed at boosting exports, enhancing the income of farmers and fisherfolk, and strengthening the food processing… pic.twitter.com/ELjWzz8Avy
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) May 7, 2026
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तेजी से बढ़ा है भारत का सीफूड एक्सपोर्ट
सीफूड के एक्सपोर्ट (Sea Food Export) के मामले में भारत तेजी से आगे बढ़ा है। MPEDA की ओर से जारी आंकड़े बताते हैं कि भारत के समुद्री खाद्य पदार्थों का एक्सपोर्ट 8.28 बिलियन अमेरिकी डॉलर (₹72,000 करोड़ रुपये) का हो गया है, इसे अब एक माइल्डस्टोन माना जा रहा है। आपको बता दें कि भारत का कुल निर्यात 19.32 लाख मीट्रिक टन हो गया है। इस बढ़त से देश के मछुआरों को अच्छा फायदा होगा। इसके अलावा किसानों की आय बढ़ाने को लेकर भी केंद्रीय मंत्री का जोर रहा। भारत में इस साल गेहूं और चावल की सरकारी खरीद में भी जोरदार उछाल देखा गया है।
