HDFC बैंक में अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे पर रार! बैंक को क्यों पड़ी एक्सटर्नल लॉ फर्म नियुक्त करने की जरूरत?
एचडीएफसी बैंक ने अपने पूर्व पार्ट-टाइम चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे की समीक्षा के लिए बाहरी लॉ फर्मों को नियुक्त ...और पढ़ें

क्या नहीं रुक रही एचडीएफसी बैंक में हलचल?

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank Latest News) ने मंगलवार को कहा कि इसने अपने पूर्व पार्ट-टाइम चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे (Atanu Chakraborty) की समीक्षा के लिए एक्सटर्नल लॉ फर्म्स को नियुक्त किया है। अतानु चक्रवर्ती ने पिछले हफ्ते "मूल्यों और नैतिकता" को लेकर बैंक के साथ मतभेदों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद बैंक के शेयर में भी गिरावट आई थी।
क्या बैंक में रही बड़ी समस्या?
एचडीएफसी बैंक ने पहले कहा था कि चक्रवर्ती का अचानक जाना, जिससे गवर्नेंस को लेकर चिंता बढ़ीं, शायद उनके और मैनेजमेंट के बीच किसी अनबन की वजह से हुआ हो, मगर बैंक में कोई बड़ी समस्या नहीं रही। मंगलवार को HDFC बैंक ने कहा कि वह अतानु के रेजिग्नेशन लेटर की जांच के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों तरह की फर्मों को नियुक्त कर रहा है, ताकि "बैंक के मजबूत गवर्नेंस स्टैंडर्ड को और मजबूत किया जा सके"।
SEBI चेयरमैन ने क्या कहा?
HDFC बैंक के चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफ़े पर टिप्पणी करते हुए, SEBI प्रमुख ने बोर्ड स्तर पर इंस्टिट्यूशनल प्रोसेसेज और पारदर्शिता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र निदेशकों को एक निर्धारित आचार संहिता का पालन करना जरूरी है, और किसी भी चिंता को बोर्ड बैठकों के मिनट्स में औपचारिक रूप से दर्ज किया जाना चाहिए।
RBI का आया था बड़ा बयान
बैंक ने यह भी कहा कि चक्रवर्ती ने ऐसी किसी भी घटना या काम का जिक्र नहीं किया, जो उनके निजी मूल्यों और नैतिकता के विपरीत हो। इस भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले हफ्ते कहा था कि HDFC बैंक सिस्टम के लिहाज से अहम, आर्थिक रूप से मजबूत और पेशेवर तरीके से मैनेज होने वाला बैंक बना हुआ है, और उसके कामकाज या गवर्नेंस को लेकर "रिकॉर्ड पर कोई बड़ी चिंता नहीं है।"
कितना गिर चुका है शेयर?
RBI ने HDFC ग्रुप के लंबे समय तक एग्जीक्यूटिव रहे केकी मिस्त्री को तीन महीने के लिए अंतरिम नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर मंजूरी दे दी है। चक्रवर्ती, जिन्हें अप्रैल 2021 में पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया था और मई 2024 में 4 मई, 2027 तक के लिए फिर से नियुक्त किया गया था, उन्होंने HDFC बैंक के मॉर्गेज लेंडर HDFC Ltd के साथ $40 बिलियन के मर्जर की देखरेख की, जिससे एक बहुत बड़ी फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी बनी।
चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद से HDFC बैंक के शेयरों में लगभग 12% की गिरावट आई है।
