क्यों उज्ज्वला योजना के तहत घटाई गई सब्सिडी वाले सिलिंडरों की संख्या? सरकार ने खुद किया खुलासा
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या नौ से ...और पढ़ें

क्यों घटाई गई उज्ज्वला योजना के तहत सिलिंडर की संख्या? (AI जनरेटेड फोटो)
HighLights
सब्सिडी वाले उज्ज्वला सिलेंडरों की संख्या नौ से चार हुई
यह निर्णय दुरुपयोग और व्यावसायिक उपयोग रोकने हेतु लिया
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने फैसले की जानकारी दी
आईएएनएस, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत सब्सिडी वाले सिलिंडर्स की संख्या को घटाकर वार्षिक स्तर पर नौ से चार करने पर केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को कहा कि यह कदम कुछ लाभार्थियों द्वारा सब्सिडी वाले सिलिंडर्स के दुरुपयोग के चलते उठाया गया है।
पुरी ने कहा कि यह कदम इस सबूत के आधार पर उठाया गया था कि कई लाभार्थियों को अतिरिक्त सिलिंडरों की जरूरत नहीं थी और कुछ सिलिंडरों का इस्तेमाल कमर्शियल कामों के लिए किया जा रहा था। उन्होंने कहा, "आज सुबह से ही इस बात पर काफी चर्चा हो रही है कि हमने उज्ज्वला सिलेंडर्स की संख्या नौ से घटाकर चार कर दी है। लेकिन अगर आपको चार से अधिक सिलेंडरों की जरूरत नहीं है, तो आपको और सिलेंडरों की क्या जरूरत होगी?"
'सिलिंडर की जरूरत नहीं'
पुरी ने तर्क दिया कि अगर किसी परिवार को साल में चार से अधिक सिलिंडर की जरूरत नहीं है, तो उन्हें और सब्सिडी वाले रिफिल देने का कोई ठोस कारण नहीं है। पुरी ने आईएएनएस को बताया, "हमने ऐसा इसलिए किया क्योंकि हमें भरोसेमंद जानकारी मिली थी कि हमारे कई उज्ज्वला लाभार्थियों को असल में सिलिंडर की जरूरत नहीं थी। वे सिलिंडर ले रहे थे और या तो उसे कमर्शियल इस्तेमाल के लिए बेच रहे थे, या कहीं और इस्तेमाल कर रहे थे, या फिर किसी और अधिक रुपए में दे रहे थे।"
गलत इस्तेमाल के मामलों की हुई पहचान
पुरी ने बताया कि सरकार ने यह फैसला स्कीम के इस्तेमाल के तरीके को समझने और इसके गलत इस्तेमाल के मामलों की पहचान करने के बाद लिया। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को एलपीजी कनेक्शन और रियायती दरों पर रिफिल की सुविधा देकर स्वच्छ खाना पकाने का ईंधन उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन की प्रशंसा
पुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन मॉडल की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि विपक्ष को प्रधानमंत्री द्वारा अपनाए गए विकास-केंद्रित दृष्टिकोण को समझना और अपनाना चाहिए। मंत्री के अनुसार, मतदाताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा का बार-बार समर्थन किया है क्योंकि वे सरकार को विकास और जमीनी स्तर पर कार्यों को पूरा करने वाली सरकार के रूप में देखते हैं।
