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LTCG टैक्स की दरों पर फैसला जल्द संभव, सरकार कर रही है विचार; आने वाले हफ्तों में हो सकता है एलान - रिपोर्ट

Published: Mon, 26 Oct 2026 04:30 PM (IST)

सरकार इक्विटी पर लगने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को पुनर्गठित करने पर विचार कर रही है। यह फैसला ...और पढ़ें

एलटीसीजी टैक्स पर जल्द फैसला ले सकती है सरकार

एलटीसीजी टैक्स पर जल्द फैसला ले सकती है सरकार

HighLights

  1. सरकार इक्विटी LTCG टैक्स पुनर्गठन पर विचार कर रही है।

  2. बजट से पहले हो सकता है इस पर बड़ा फैसला।

  3. विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए समीक्षा जारी।

नई दिल्ली। शेयर बाजार में LTCG टैक्स को लेकर काफी चर्चाएं हैं और कहा जा रहा है कि सरकार इस मोर्चे पर बड़ी राहत दे सकती है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों, जिनमें एक अधिकारी भी शामिल है, ने बताया कि सरकार आने वाले हफ्तों में और बजट से पहले, इक्विटी पर लगने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को पुनर्गठित (restructure) करने का फैसला ले सकती है।

विदेशी और घरेलू निवेशकों द्वारा इक्विटी की बिक्री पर लगने वाला LTCG टैक्स, इंडेक्सेशन के लाभ के बिना, 12.5 प्रतिशत है। यह टैक्स लिस्टेड शेयरों पर प्रति वित्तीय वर्ष 1.25 लाख रुपये से अधिक के मुनाफे पर लागू होता है। अनलिस्टेड शेयरों की बिक्री पर ऐसी कोई सीमा लागू नहीं होती है।

सूत्रों ने क्या कहा?

एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया, "पुनर्गठन को लेकर जल्द ही कोई फैसला आने की उम्मीद है। सरकार LTCG टैक्स रेट  की तुलना प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में लागू दरों से करके इसकी समीक्षा कर रही है।" टैक्सेशन में 'इंडेक्सेशन बेनिफिट' का इस्तेमाल किसी एसेट की खरीद कीमत को समय के साथ महंगाई के हिसाब से एडजस्ट करने के लिए किया जाता है। 

इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सीनियर बैंकिंग अधिकारी ने कहा, "सरकार के भीतर इस बात को लेकर समझ है कि भारतीय इक्विटी की प्रतिस्पर्धात्मकता को बेहतर बनाने और उन्हें विदेशी निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक बनाने के लिए टैक्स ढांचे की समीक्षा करने की जरूरत है। सरकार इन प्रस्तावों पर विचार कर रही है, जिनमें LTCG से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल हैं।"

सूत्रों के अनुसार, सरकार इस बात पर भी विचार कर रही है कि क्या विदेशी निवेशकों द्वारा दिए जाने वाले LTCG का कैलकुलेशन डॉलर के संदर्भ में हुए मुनाफे के आधार पर की जानी चाहिए। फिलहाल, कैपिटल गेन्स की गणना रुपये के संदर्भ में की जाती है।

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सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के अनुसार, 2026 में अब तक इक्विटी से कुल FPI आउटफ्लो 3.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पूरे 2025 में निकाले गए 1.7 लाख करोड़ रुपये से काफी अधिक है।