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LTCG टैक्स पर एक और बड़ी खबर, निर्मला सीतारमण के बाद सीनियर अफसर ने कहा- प्रस्ताव मिले, सरकार कर रही है समीक्षा

Published: Tue, 13 Oct 2026 07:08 PM (IST)

केंद्र सरकार को इक्विटी पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स की समीक्षा के प्रस्ताव मिले हैं, जिन पर विचार किया ...और पढ़ें

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HighLights

  1. सरकार इक्विटी पर LTCG टैक्स समीक्षा पर विचार कर रही है।

  2. वित्त मंत्री के बाद आया वरिष्ठ सरकारी अधिकारी का बयान।

  3. वित्त मंत्री ने स्टेकहोल्डर्स की राय सुनने की बात कही थी।

नई दिल्ली। LTCG और STT टैक्स पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान के बाद शेयर बाजार में अचानक तेजी आ गई। अब एक और बड़ी खबर है कि केंद्र सरकार को इक्विटी पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स की समीक्षा करने के प्रस्ताव मिले हैं और वह उन पर विचार कर रही है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में कहा गया कि सरकार से जुड़े सीनियर अफसर ने यह जानकारी दी है। खास बात है कि यह खबर तब आई है जब आज ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर स्टेकहोल्डर्स की राय सुनने के लिए तैयार है।

सरकार के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, "केंद्र को इक्विटी पर LTCG की समीक्षा करने के प्रस्ताव मिले हैं। सरकार अभी उन पर विचार कर रही है।"

वित्त मंत्री ने क्या कहा?

नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फ़ोरम में निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत और विदेशों में निवेशकों ने LTCG टैक्स, सिक्योरिटीज़ ट्रांज़ैक्शन टैक्स (STT) और अलग-अलग तरह की एसेट क्लास के साथ किए जाने वाले व्यवहार को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि कैपिटल गेन्स टैक्स और अलग-अलग तरह की एसेट क्लास के साथ किए जाने वाले व्यवहार को लेकर हो रही बहस अच्छी है, और सरकार स्टेकहोल्डर्स की राय जानने की इच्छुक है।

वित्त मंत्री ने कहा, "हम बजट के बहुत करीब हैं और बजट की तैयारी शुरू हो गई है। ऐसे में यह कहना शायद सही नहीं होगा कि मैं किन चीज़ों पर विचार करूंगी और किन पर नहीं।" उन्होंने संकेत दिया कि टैक्स में खास बदलावों पर अभी कोई टिप्पणी करना जल्दबाज़ी होगी।

अक्टूबर में अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी से ₹44,166 करोड़ निकाले हैं, जिससे इस साल कुल निकासी ₹3 लाख करोड़ से ज़्यादा हो गई है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, मज़बूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ रहा है। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे समय में जब भारत से बड़ी मात्रा में FPI बाहर जा रहा है और रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ है, हमारे कैपिटल मार्केट की कॉम्पिटिटिवनेस (प्रतिस्पर्धात्मकता) पर फिर से ध्यान देने की ज़रूरत है।

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बता दें कि मौजूदा नियमों के तहत, लिस्टेड इक्विटी पर होने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) पर, एक फाइनेंशियल ईयर में 1.25 लाख रुपये से ज़्यादा के मुनाफ़े पर 12.5% की दर से टैक्स लगता है, बशर्ते कि ज़रूरी शर्तें पूरी हों।