अगस्त में भारत का वस्तु निर्यात बढ़ा, व्यापार घाटा हुआ कम; इंजीनियरिंग, पेट्रोलियम उत्पाद और रसायन से मिला एक्सपोर्ट को सहारा
अगस्त में भारत का वस्तु निर्यात 26.12% बढ़कर 43.81 अरब डॉलर रहा, जबकि व्यापार घाटा घटकर 26.86 अरब डॉलर हो ...और पढ़ें

देश का वस्तु निर्यात बढ़ा
HighLights
अगस्त में वस्तु निर्यात 26.12% बढ़कर 43.81 अरब डॉलर हुआ
व्यापार घाटा घटकर 26.86 अरब डॉलर पर आया, आयात में भी वृद्धि
BRICS देशों के साथ भारत का व्यापार घाटा तीन गुना बढ़ा
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। देश का वस्तु निर्यात (Goods Export) अगस्त में 26.12 प्रतिशत बढ़कर 43.81 अरब डॉलर हो गया, जबकि व्यापार घाटा घटकर 26.86 अरब डॉलर रह गया। मंगलवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
देश का आयात अगस्त में करीब 14.1 प्रतिशत बढ़कर 70.76 अरब डॉलर रहा। चालू वित्त वर्ष के पहले पांच माह (अप्रैल-अगस्त) के दौरान निर्यात 17.85 प्रतिशत बढ़कर 215.91 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 18.21 प्रतिशत बढ़कर 363 अरब डॉलर रहा।
इंजीनियरिंग, पेट्रोलियम उत्पाद, रसायन और कपड़ा उत्पाद
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इंजीनियरिंग, पेट्रोलियम उत्पाद, रसायन और कपड़ा जैसे विभिन्न क्षेत्रों के मिले-जुले प्रदर्शन से निर्यात में सकारात्मक रुख कायम है। अग्रवाल ने कहा कि भारत के निर्यात की मांग अमेरिका, यूरोपीय संघ, ब्रिक्स देशों और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं से प्रमुख रूप से बनी रही।
सोने का आयात
इस बीच, भारत का सोने का आयात अगस्त में सालाना आधार पर 57.7 प्रतिशत घटकर 2.3 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया, जो अगस्त, 2025 में 5.4 अरब डॉलर था। भारत अपने एक्सपोर्ट मार्केट में विविधता लाने की कोशिश कर रहा है।
ब्रिटेन के साथ ट्रेड डील अब लागू हो चुकी है और यूरोपियन यूनियन के साथ एक व्यापक समझौते को लागू करने की दिशा में काम चल रहा है, जिससे घरेलू सामानों के लिए ज़्यादा मौके खुल सकते हैं।
BRICS के साथ ट्रेड
बता दें कि BRICS के साथ भारत का कुल सामान का व्यापार FY2021 में $203.1 बिलियन से बढ़कर FY2026 में $417.5 बिलियन से ज्यादा हो गया। हालाँकि, निर्यात की तुलना में आयात बहुत तेजी से बढ़ा। BRICS देशों को भारत का एक्सपोर्ट 48.8% बढ़कर $64.3 बिलियन से $95.7 बिलियन हो गया।
इम्पोर्ट 131.8% बढ़कर $138.8 बिलियन से $321.8 बिलियन हो गया। नतीजतन, BRICS के साथ भारत का ट्रेड डेफिसिट तीन गुना से भी ज्यादा बढ़कर $74.5 बिलियन से $226.1 बिलियन हो गया।
