Crude Oil Outlook: हो जाओ तैयार! लगेगी क्रूड की कीमतों में आग; 10% की बढ़त निकालेगी आम आदमी का 'तेल'
गोल्डमैन सैश ने ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने की आशंका के चलते 2026 के लिए कच्चे तेल की ...और पढ़ें
-1774253522846_m.webp)
क्रूड ऑयल के मामले में आया चिंताजनक अनुमान

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
आईएएनएस, नई दिल्ली। दुनिया के बड़े इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैश ने 2026 के लिए कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Price Today) के अनुमान में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की है। इसकी वजह ईरान के पास मौजूद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होना है। गोल्डमैन सैश में एनालिस्ट डैन स्ट्रुवेन ने कहा कि 2026 में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का दाम औसत 85 डॉलर प्रति बैरल रहने की उम्मीद है, जो कि पहले के अनुमान 77 डॉलर प्रति बैरल से 10.38 प्रतिशत अधिक है। डब्ल्यूटीआई क्रूड का दाम औसत 79 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है, जो कि पिछले अनुमान 72 डॉलर प्रति बैरल से 9.72 प्रतिशत अधिक है। अगर तेल के दाम बढ़ते हैं, तो इसके नतीजे में महंगाई बढ़ेगी।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर काफी कुछ निर्भर
यह संशोधन इस अनुमान पर आधारित है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जलमार्ग से तेल का प्रवाह अगले छह हफ्तों तक सामान्य क्षमता के केवल 5 प्रतिशत पर ही रहेगा, जिसके बाद अगले महीने धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगा। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने तेल बाजारों में उथल-पुथल मचा दी है और अब यह चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और जिसका अंत भी नजर नहीं आ रहा है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सप्ताहांत में तेहरान को महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग को फिर से खोलने के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया, अन्यथा उन्हें अपने ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों का सामना करना पड़ेगा। इसके जवाब में ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
लगातार बढ़ रहा कच्चे तेल का भंडार
गोल्डमैन सैश के अनुसार, "अभूतपूर्व व्यवधान नीति निर्माताओं और निवेशकों को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में संरचनात्मक कमजोरियों, विशेष रूप से मध्य पूर्व में उत्पादन और अतिरिक्त क्षमता के अत्यधिक संकेंद्रण का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए मजबूर कर सकता है।"
एशिया में आपूर्ति की स्थिति कठिन होने के बावजूद, अमेरिका और यूरोप सहित ओईसीडी देशों की अर्थव्यवस्थाओं में कच्चे तेल का भंडार लगातार बढ़ रहा है, जो इस तथ्य को दर्शाता है कि संघर्ष शुरू होने से पहले वैश्विक आपूर्ति मांग से अधिक थी।
कुल कितने नुकसान की उम्मीद?
बैंक ने यह भी अनुमान लगाया है कि मध्य पूर्व में कच्चे तेल के उत्पादन में होने वाली हानि वर्तमान में 11 मिलियन बैरल प्रति दिन से बढ़कर 17 मिलियन बैरल प्रति दिन के उच्चतम स्तर तक पहुंच सकती है। सामान्य परिचालन फिर से शुरू होने के बाद चार सप्ताह में पूर्ण सुधार की स्थिति में, कुल संचयी हानि 800 मिलियन बैरल से अधिक होने की आशंका है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।