Flight Ticket Price Hike: छठ-दीवाली से पहले एयरलाइन ने दिया झटका, ₹10000 तक बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज; महंगे होंगे टिकट?
Flight Ticket Price: अक्टूबर में एटीएफ की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद इंडिगो ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ...और पढ़ें

Flight Ticket Price Hike: छठ-दीवाली से पहले एयरलाइन ने दिया झटका, ₹10000 तक बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज!
HighLights
एटीएफ की कीमतों में 13.2% की बढ़ोतरी हुई है।
घरेलू उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज ₹100 से ₹1300 तक बढ़ा।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ₹10,000 तक फ्यूल सरचार्ज बढ़ा।
बिजनेस डेस्क,नई दिल्ली। अक्टूबर के महीने में कई चीजों के दाम बढ़े, जिसमें एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF Hike) भी शामिल है। जिसके बाद अब एयरलाइन्स भी अब अपनी टिकट प्राइस में बदलाव में कर रही हैं। इसी कड़ी में इंडिगो ने भी ATF के दाम बढ़ने के कारण अपने फ्यूल सरचार्ज (Fuel Surcharge Hike) में इजाफा किया है। तो आइए जानते हैं कि दीवाली-छठ (Diwali Flight Booking) पर इस बार आपका हवाई सफर कितना महंगा पड़ेगा।
ATF में हुई बढ़ोतरी
मालूम हो कि घरेलू एटीएफ की कीमतों में करीब 13.2% (₹16 प्रति लीटर) का इजाफा हुआ है। इसके बाद कीमतें ₹121 से बढ़कर करीब ₹137 प्रति लीटर पर पहुंच गई हैं। पिछले तीन महीनों में ये लगातार तीसरा मौका है जब जेट ईंधन के दाम बढ़े हैं। इससे पहले अगस्त में ₹5 और सितंबर में ₹6.28 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी।
घरेलू उड़ानों के लिए नया फ्यूल चार्ज
एयरलाइन ने दूरी के आधार पर घरेलु उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज को बढ़ाया है। 500 किमी के दूरी के लिए लगभग ₹100 बढ़ाए गए हैं, लेकिन 2000 किमी से ज्यादा की दूरी के लिए ₹1300 तक की बढ़ोतरी की है।
| घरेलू मार्ग (दूरी) | पुराना ईंधन शुल्क | नया ईंधन शुल्क |
| 0-500 किमी | 275 रुपये | 375 रुपये |
| 501-1,000 किमी | 400 रुपये | 600 रुपये |
| 1,001-1,500 किमी | 600 रुपये | 900 रुपये |
| 1,501-2,000 किमी | 800 रुपये | 1,150 रुपये |
| 2,000 किमी से ऊपर | 950 रुपये | 1,300 रुपये |
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर कितना लगेगा चार्ज?
एयरलाइन ने दूरी के हिसाब से इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए भी फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया है।
- सार्क (SAARC) देश (500 किमी तक): ₹1000
- लंबी सार्क (SAARC) रूट्स: ₹3000
- दक्षिण-पूर्व एशिया, जीसीसी (GCC) और मध्य पूर्व: ₹5500
- उत्तर और पूर्व एशिया: ₹5500
- अफ़्रीका: ₹6000
- यूरोप: ₹10000
यात्रियों पर क्या पड़ेगा असर?
एयरलाइन का कहना है कि ईंधन के दामों में बढ़ोतरी के कारण एटीएफ का खर्च पिछले एक दशक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी का कहना है कि फ्यूल का खर्च एयरलाइन के कुल खर्च का बहुत बड़ा हिस्सा होता है। इंडिगो ने सफाई देते हुए कहा कि ईंधन के बढ़े हुए खर्च की पूरी भरपाई करने के लिए और ज्यादा बढ़ोतरी की जरूरत थी, लेकिन यात्रियों की जेब पर कम से कम असर पड़े, इसलिए कंपनी ने एक संतुलित और सीमित बढ़ोतरी ही की है।
