नई दिल्ली, पीटीआइ। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को एफएसडीसी के साथ बैठक की है। इस बैठक में अर्थव्यवस्था की मौजूदा हालत की समीक्षा की गई है। वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (FSDC) की यह 22 वीं बैठक थी, जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई है। बैठक में कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप को देखते हुए अर्थव्यवस्था में वित्तीय स्थिरता बरकरार रखने के लिए भिन्न-भिन्न समाधानों की समीक्षा हुई है।

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एफएसडीसी की बैठक में भारतीय रिज़र्व  बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली एफएसडीसी उप समिति और विभिन्न नियामकों द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों की भी समीक्षा की गई है। बैठक में शक्तिकांत दास के साथ ही भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) प्रमुख अजय त्यागी, पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) के अध्यक्ष सुप्रतिम बंदोपाध्याय, ऋण शोधन एवं दिवाला बोर्ड (IBBI) के चेयरमैन एम एस साहू और बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) के चेरमैन सुभाष चंद्र खुंतिया ने भी भाग लिया था।

इसके अलावा राजस्व सचिव अजय भूषण पांडे, वित्तीय सेवा सचिव देबाशीष पांडा और आर्थिक मामलों के सचिव तरूण बजाज सहित वित्त मंत्रालय के दूसरे प्रमुख अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया। नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्याकाल में एफएसडीसी की यह तीसरी बैठक है।

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गौरतलब है कि कोरोना वायरस महामारी और इसके संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के कारण देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान पहुंचा है। लॉकडाउन के पहले दो चरणों में औद्योगिक गतिविधियां बुरी तरह बाधित रही हैं, जिससे कंपनियों के सामने नकदी संकट खड़ा हो गया है। फिच रेटिंग्स, क्रिसिल और एस एंड पी सहित कई रेटिंग एजेंसियों ने मौजूदा वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था में 5 फीसद तक की गिरावट का अनुमान लगाया है।

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