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GST E-way Bill से सरकार ने पकड़ी बड़ी कालाबाजारी, किसानों की सब्सिडी वाली खाद आखिर जा कहां रही?

Published: Wed, 07 Oct 2026 08:27 PM (GMT+05:30)

सरकार ने ई-वे बिल डेटा का उपयोग करके सब्सिडी वाले उर्वरकों की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी और हेरफेर का खुलासा ...और पढ़ें

सब्सिडी वाली खाद की हेरफेर पकड़ी गई (AI Image)

सब्सिडी वाली खाद की हेरफेर पकड़ी गई (AI Image)

HighLights

  1. ई-वे बिल डेटा से सब्सिडी वाले उर्वरकों की हेरफेर का खुलासा।

  2. उर्वरकों को औद्योगिक उपयोग के लिए अवैध रूप से मोड़ा जा रहा था।

  3. राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में कालाबाजारी पकड़ी गई।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| पिछले कुछ दिनों से सब्सिडी वाले उर्वरकों में बड़ा हेरफेर देखने को मिला है। सरकार ने हेरफेर करने वाले लोगों को पकड़ने के लिए ई-वे बिल से मिले डेटा का इस्तेमाल किया है। ईरान युद्ध के बाद उर्वरक की उपलब्धता, जमाखोरी और हेराफेरी को लेकर चिंताएं बढ़ने पर वित्त मंत्रालय ने यह एनालिसिस किया और बाद में उर्वरक विभाग को सतर्क किया। सरकार को भारी सब्सिडी वाले उर्वरकों की आवाजाही में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के प्रयासों में और मजबूती मिली है, हालांकि सप्लाई में अब सुधार हुआ है और स्टॉक भी बढ़ा लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उर्वरक मंत्रालय सब्सिडी वाले उर्वरकों की आवाजाही और वितरण की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (IFMS) का भी उपयोग करता है।

सामने आई बड़ी कालाबाजारी

फर्टिलाइजर सप्लाई चेन में रूट में बदलाव एक लगातार बनी रहने वाली समस्या के रूप में उभर रहा है । एक संसदीय स्थायी समिति ने रेक पॉइंट से दूर दराज के जिलों, विशेष रूप से जम्मू और कश्मीर और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में उर्वरक ट्रांस्पोर्टिंग के दौरान कुछ मात्रा में अनलोडिंग और मार्ग परिवर्तन के मामलों को उजागर किया है।

इसमें मध्य प्रदेश में वैलिड दस्तावेजों के बिना आवागमन और माल की प्राप्ति की सूचना उनके निर्धारित डेस्टिनेशन तक पहुंचाने में देरी का भी उल्लेख किया गया है।

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इन राज्यों में हुई हेरफेर

TOI के मुताबिक पैनल ने नीम लेपित यूरिया की इंडस्ट्रियल उपयोगकर्ताओं, जिनमें प्लाईवुड और राल मैन्युफैक्चरर, डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (DEF) यूनिटि्स और पशु आहार बनाने शामिल हैं, जिनकी अवैध आपूर्ति पर भी चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक और पंजाब उन राज्यों में शामिल हैं जिनकी पहचान इस तरह की अवैध सप्लाई के संबंध में की गई है।

ई-वे बिल से कैसे पकड़ी कालाबाजारी?

ई-वे बिल (E-Way Bill) एक इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज है, जिसे भारत में GST नियमों के तहत ₹50,000 से अधिक कीमत के माल की खेपों की आवाजाही पर नजर रखती है एक स्थान से दूसरे स्थान पर माल (Goods) ले जाने के लिए ऑनलाइन जनरेट करना अनिवार्य होता है। 'ई-वे' का मतलब इलेक्ट्रॉनिक वे (Electronic Way) या मार्ग बिल है। सरकार ने ई-वे बिल के डेटा में पाया कि सब्सिडी वाले उर्वरकों से लदे ट्रकों के रूट में बदलाव हो रहा है, अनलोडिंग के भी कुछ मामले पाए गए हैं, जिससे बड़ी गड़बड़ी सामने आई।