यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
EPF सदस्य घर खरीदने के लिए फंड से निकाल पाएंगे 90 फीसद रकम
अब ईपीएफ की रकम घर खरीदने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं

नई दिल्ली (जेएनएन)। सरकार ने ईपीएफ अकाउंट से निकासी के नए नियम जारी किए हैं। इसके मुताबिक ईपीएफ के सदस्य वन टाइम विद्रॉल (एक बार निकासी) कर, घर खरीदने के लिए रकम का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही वह घर या प्लॉट की ईएमआई (किश्त) के लिए भी राशि की निकासी कर सकते हैं।
हालांकि इस नियम के प्रभावी होने के लिए आपको नौ और ईपीएफ सदस्यों की जरूरत होगी जो उस को-ऑपरेटिव सोसायटी का हिस्सा होंगे, जो प्लॉट या फ्लैट खरीदना चाहते हैं। यह सोसायटी कानून के तहत पंजीकृत (रजिस्टर्ड) होनी चाहिए। ऐसा श्रम मंत्रालय की 12 अप्रैल की अधिसूचना में बताया गया है।
श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय के मुताबिक यह कदम प्रधानमंत्री के लक्ष्य, वर्ष 2022 तक सबसे लिए घर को बढ़ावा देगा। साथ ही इससे ईपीएफ के चार करोड़ सदस्यों को फायदा मिलेगा, ताकि वह अपनी इस बचत का इस्तेमाल फ्लैट खरीदने में या को-ऑपरेटिव सोसायटी बनाने में कर पाएंगे। नई जानकारी के मुताबिक ऐसे कर्मचारी जिन्हें ईपीएफ की सदस्यता के तीन वर्ष पूर्ण हो गए है, वह घर के होम लोन के भुगतान के लिए रकम की निकासी कर सकते हैं।
आपको बता दें कि 90 फीसद राशि की निकासी के अलावा सदस्य प्रत्येक माह पीएफ में जमा होने वाली रकम में से भी लोन का भुगतान कर सकेंगे। ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) फ्लैट बनाने या फिर प्लॉट खरीदने के लिए सदस्यों के बजाय को-ऑपरेटिव सोसायटी, हाउसिंग एजेंसी या बिल्डरों को भुगतान करेगा। यदि ईपीएफ सदस्य फ्लैट बनाने या प्लॉट खरीदने में विफल हो जाता है तो निकासी की गई राशि को 15 दिन के अंदर ईपीएफओ को वापस जमा करवाना होगा।
क्या थी पहले व्यवस्था-
इससे पहले तक जिस कर्मचारी ने पांच साल की नौकरी पूर्ण कर ली हो, उसे फ्लैट खरीदने के लिए प्रॉविडेंट फंड की बचत में से 36 महीने की सैलरी निकालने की सुविधा मिलती थी। यदि उसे प्लॉट खरीदना हो तो केवल 24 महीने की सैलरी निकालने की ही अनुमति थी।
