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दीवाली पर भूलकर भी न खरीदें ये 3 चीजें, शॉपिंग में निकलने से पहले जान लें पुराने लोगों की खरीदारी का नियम!

Published: Sat, 07 Nov 2026 01:42 PM (IST)Updated: Sat, 07 Nov 2026 01:50 PM (IST)

दीवाली और धनतेरस पर कुछ चीजों को खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि पुरानी मान्यताओं के अनुसार ये सुख-समृद्धि पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं।

दीवाली की शॉपिंग से पहले पुरानी मान्यताएं जानिए

दीवाली की शॉपिंग से पहले पुरानी मान्यताएं जानिए

HighLights

  1. पुरानी या इस्तेमाल की हुई चीजें खरीदने से बचें।

  2. नुकीली और धारदार वस्तुएं खरीदने से परहेज करें।

  3. दीवाली पर काले रंग के कपड़े न खरीदें।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। दीवाली का त्योहार रोशनी और खुशियों के साथ-साथ धन, वैभव और समृद्धि का प्रतीक भी माना जाता है। धनतेरस और दीवाली के मौके पर लोग सोने-चांदी से लेकर घर की जरूरतों और पूजा-पाठ से जुड़ी कई चीजों की खरीदारी करते हैं। मान्यता है कि इन शुभ अवसरों पर कुछ चीजें खरीदना बेहद फलदायी होता है, वहीं कुछ ऐसी वस्तुएं भी हैं जिन्हें खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं कि पुरानी परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस और दीवाली पर किन चीजों की खरीदारी नहीं करनी चाहिए।

पुरानी और इस्तेमाल की हुई चीजें

धनतेरस और दीवाली को नई शुरुआत और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि इन त्योहारों पर लोग घर में नई चीजें लाना पसंद करते हैं। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान पुरानी या इस्तेमाल की हुई वस्तुओं की खरीदारी करने से बचना चाहिए। खासतौर पर पुराने बर्तन, फर्नीचर और खराब या कबाड़ का सामान खरीदने से परहेज करने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि त्योहार के समय घर में साफ-सुथरी और नई वस्तुएं लाना सकारात्मकता का प्रतीक होता है। हालांकि, यह धार्मिक और पारंपरिक विश्वास है, इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

नुकीली और धारदार चीजें

दीवाली और धनतेरस के मौके पर खरीदारी करते समय चाकू, कैंची, ब्लेड और अन्य धारदार वस्तुओं को लेकर भी कुछ मान्यताएं प्रचलित हैं। माना जाता है कि शुभ अवसरों पर ऐसी चीजें खरीदने से बचना चाहिए। पारंपरिक मान्यताओं में नुकीली और धारदार वस्तुओं को काटने या अलगाव का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से कई परिवारों में धनतेरस और दीवाली के दिन इनकी खरीदारी नहीं की जाती। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में इस परंपरा को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं। इसे धार्मिक विश्वास के तौर पर ही देखना चाहिए, न कि किसी अनिवार्य नियम के रूप में।

काले रंग के कपड़े खरीदने से बचें

दीवाली के त्योहार पर नए कपड़े खरीदना और पहनना काफी पुरानी परंपरा है। इस दौरान लोग खासतौर पर लाल, पीले, सफेद और अन्य चमकीले रंगों के कपड़ों को प्राथमिकता देते हैं। वहीं, कुछ धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार दीवाली जैसे शुभ अवसरों पर काले रंग के कपड़े खरीदने से बचना चाहिए।

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दरअसल, कई परंपराओं में काले रंग को शुभ कार्यों के लिए पसंद नहीं किया जाता, जबकि लाल और पीले रंग को सुख-समृद्धि और शुभता से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, काले रंग को अशुभ मानना सभी समुदायों या परंपराओं में एक जैसा नहीं है।

Disclaimer: यहां दी गई सूचना सिर्फ मान्यताओं और आम जानकारियों पर आधारित है। Jagran Business किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। ठोस जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञों से संपर्क करें


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