ईरान पर अमेरिकी बम बरसते ही क्रूड की कीमतों में लगी आग! क्या ट्रंप ने दिया धोखा; भारत में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अमेरिकी हमले के बाद तेजी आई है, जिससे अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा है।

कच्चा तेल फिर हुए महंगा
HighLights
अमेरिकी हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल।
ईरान के केश्म द्वीप पर हमले से तनाव में वृद्धि।
मिडिल ईस्ट से तेल सप्लाई प्रभावित होने का खतरा।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है। सोमवार को करीब 7% की बड़ी गिरावट के बाद मंगलवार, 3 नवंबर को शुरुआती एशियाई कारोबार में क्रूड ऑयल (crude oil) के दाम चढ़ गए। इसकी वजह अमेरिका की ओर से ईरान के केश्म द्वीप (Qeshm Island) पर हमले की खबर है। इस घटनाक्रम ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के और बढ़ने की आशंका पैदा कर दी है। साथ ही मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई प्रभावित होने का खतरा भी बढ़ गया है।
ब्रेंट और WTI क्रूड में आई तेजी
मंगलवार को शुरुआती कारोबार में ब्रेट क्रूड (Brent crude) फ्यूचर 48 सेंट यानी 0.5% की तेजी के साथ 105.25 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 47 सेंट यानी 0.5% चढ़कर 96.93 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
इससे पहले सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई थी। ब्रेंट क्रूड 8.66 डॉलर यानी 7.63 फीसदी टूटकर 104.77 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से तनाव कम होने की उम्मीदों के चलते बाजार में बिकवाली देखने को मिली थी।
केश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले की खबर से बढ़ी चिंता
वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के केश्म द्वीप पर हमला किया है। रिपोर्ट में अमेरिका अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी गई है। कुछ अधिकारियों ने इन हमलों को रक्षात्मक कार्रवाई बताया है। उनका कहना था कि इसका मकसद ईरान का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हमला करने की आजादी में रोकना था।
KCM Trade के चीफ मार्केट एनालिस्ट टिम वाटरर के मुताबिक, इस खबर ने तेल की कीमतों में एक बार फिर जोखिम प्रीमियम जोड़ दिया है। बाजार जिस समय कूटनीतिक समाधान की उम्मीद करने लगा था, उसी समय सैन्य गतिविधियों की खबर से बाजार का रुख बदल गया।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर टिकी दुनिया की नजर
अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी के आखिर में शुरू हुए संघर्ष के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही काफी प्रभावित हुई है। यह समुद्री रास्ता दुनिया की करीब 20 फीसदी कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई के लिए अहम है। ऐसे में यहां तनाव बढ़ने का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
शांति वार्ता से भी बनी हुई है उम्मीद
दूसरी तरफ ईरान ने सोमवार को कहा कि युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत जारी है। कतर के मध्यस्थों के साथ कई दिनों तक चली बातचीत के बाद भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया है। हालांकि, प्रस्तावों में बदलाव जरूर किया गया है।
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