बीजिंग। चीन अपने देश में बढ़ रही बेरोजगारी को गंभीरता से लेते हुए कई कदम उठा रहा है। शुक्रवार को चीन की कैबिनेट ने उन कंपनियों के लिए करों में छूट और सुधार की घोषणा की है, जो बेरोजगारों को रोजगार देगी। साथ ही किसानों और फ्रेशर्स के लिए लोन और इंसेंटिव को भी बढ़ाया जाएगा।

चीन ने यह कदम धीमी विकास दर को देखते हुए उठाया है। चीनी अधिकारियों ने कहा है कि बढ़ती बेरोजगारी को दूर करने के लिए वे अपनी नीतियों में अहम बदलाव कर रहे हैं। हालांकि वहां बेरोजगारों की संख्या सरकारी आंकड़ों से कही अधिक मानी जा रही है। इसलिए सरकार के इन कदमों का कितना असर होगा कहना मुश्किल है।

चीन की स्टेट काउंसिल (डेमोक्रेटिक देशों की कैबिनेट के समकक्ष) ने कहा है कि उन कंपनियों को कर में छूट मिलेगी जो छह महीने से अधिक दिनों से बेरोजगार बैठे लोगों को काम पर रखेंगी। पहले इस नीति में एक साल से अधिक समय से बेरोजगार लोगों को काम पर रखने वाली कंपनियों के लिए छूट थी। अब खुद का कारोबार शुरू करने वाले लोगों को प्रमुखता से लोन दिया जाएगा। इसके अलावा बैंकों को कहा गया है कि वे छोटे किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए अधिक लोन दें। साथ ही उन कामगारों को भी प्रमुखता से लोन दिया जाएगा जो वापस अपने मूल स्थान जाकर व्यापार करना चाहते हैं।

चीन में मार्च के अंत तक बेरोजगारी की दर 4.05 फीसदी थी, जोकि पिछले साल 2014 के अंत तक 4.1 फीसदी से थोड़ा ही कम है। वर्तमान साल की पहली तिमाही में चीन की विकास दर 7 फीसदी पर आ चुकी है, जो पिछले सात सालों में सबसे ज्यादा कम है।

बिजनेस सेक्शन की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप