फ्रेंच अरबपति खरीद रहा Vi में हिस्सेदारी, 25 साल की उम्र में शुरू की थी इंटरनेट कंपनी; आज ₹1.33 लाख करोड़ का मालिक
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने फ्रांस के उद्योगपति जेवियर नियल की वोडाफोन समूह में 16.2 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने की योजना ...और पढ़ें

ये अरबपति खरीद रहा वोडाफोन की हिस्सेदारी
HighLights
सीसीआई ने जेवियर नियल के वोडाफोन हिस्सेदारी अधिग्रहण को मंजूरी दी
नियल की कंपनी वेगा एसएएस वोडाफोन में 16.2% हिस्सेदारी खरीदेगी
वेगा एसएएस की भारत में कोई कारोबारी मौजूदगी नहीं है
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने फ्रांस के उद्योगपति जेवियर नियल की वोडाफोन समूह में 16.2 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने की योजना को मंजूरी दे दी है। टेलीकॉम कंपनी इलियड के फाउंडर नियल अपनी पारिवारिक निवेश कंपनी वेगा एसएएस के जरिये यह हिस्सेदारी खरीद रहे हैं।
वेगा, फ्रांस के कानून के तहत रजिस्टर्ड एक सिम्प्लिफाइड जॉइंट शेयर बाजार की कंपनी माया एसएएस की सब्सिडियरी कंपनी है।
भारत में कोई कारोबारी मौजूदगी नहीं
सीसीआई ने शुक्रवार को जारी रिलीज में कहा, ‘‘प्रस्तावित सौदे के तहत वेगा एसएएस (खरीदार) वोडाफोन समूह पीएलसी (लक्षित कंपनी) की जारी शेयर पूंजी में 16.2 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी।’’ वेगा एसएएस की भारत में कोई कारोबारी मौजूदगी या गतिविधि नहीं है, जबकि वोडाफोन देश में वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के जरिये मोबाइल और फिक्स्ड लाइन सेवाएं प्रदान करती है।
यूरोप और अफ्रीका में कारोबार
ब्रिटेन स्थित वोडाफोन ग्रुप यूरोप और अफ्रीका में दूरसंचार सेवाएं देने वाली कंपनी है। निष्पक्ष व्यापार नियामक सीसीआई ने प्रस्तावित सौदे को मंजूरी दे दी है। सीसीआई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आयोग ने वेगा एसएएस द्वारा वोडाफोन समूह पीएलसी की जारी शेयर पूंजी में 16.2 प्रतिशत हिस्सेदारी के अधिग्रहण को मंजूरी दी है।’’
जेवियर नियल की नेटवर्थ और कारोबार
जेवियर नियल दुनिया के टॉप अमीरों में शामिल हैं। उनकी नेटवर्थ इस समय 1.33 लाख करोड़ रुपये है और वे दुनिया के 211वें सबसे अमीर शख्स हैं। जेवियर नियल टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी इलियड के मालिक हैं, जो फ्रांस के सबसे बड़े इंटरनेट सेवा प्रदाताओं में से एक, फ्री की मूल कंपनी है।
उनके पोर्टफोलियो में मोनाको टेलीकॉम और ऑरेंज स्विट्जरलैंड की ओनरशिप भी शामिल है, जिसे उन्होंने 2014 में 2.9 बिलियन डॉलर में खरीदा और इसका नाम बदलकर साल्ट कर दिया।
नील के पास फ्रांसीसी समाचार पत्र ले मोंडे, ब्रिटिश दूरसंचार कंपनी वोडाफोन और पेरिस स्थित वाणिज्यिक रियल एस्टेट फर्म यूनिबैल-रोडामको-वेस्टफील्ड में भी हिस्सेदारी है। उनका शुरुआती उद्यम वर्ल्डनेट फ्रांस का पहला इंटरनेट प्रदाता था। उन्होंने इसे 1993 में 25 वर्ष की आयु में शुरू किया और सात साल बाद 50 मिलियन डॉलर में बेच दिया।
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