डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर में कारोबार करने वाली कंपनी के शेयर में 7% की उछाल, आशीष कचोलिया का भी लगा है पैसा
बालू फोर्ज इंडस्ट्रीज ने ऑटोमोबाइल से आगे बढ़कर रक्षा, एयरोस्पेस और रेलवे में अपनी उपस्थिति बढ़ाई है, जिसमें 152 मिमी ...और पढ़ें

शेयर में शानदार तेजी
HighLights
रक्षा, एयरोस्पेस में बालू फोर्ज का कारोबार तेजी से बढ़ा
152 मिमी शेल्स की डिलीवरी, 155 मिमी को गुणवत्ता मंजूरी मिली
रेवेन्यू में 19.9% वृद्धि, जेट इंजन कंपोनेंट्स के नए ऑर्डर
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। बालू फोर्ज इंडस्ट्रीज अब सिर्फ ऑटोमोबाइल और सामान्य इंजीनियरिंग तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी ने प्रिसिजन फोर्जिंग के अपने कारोबार को डिफेंस, एयरोस्पेस और रेलवे जैसे हाई-इंजीनियरिंग क्षेत्रों में तेजी से बढ़ाया है। FY2025-26 में इन तीनों क्षेत्रों से कंपनी के कुल राजस्व का करीब 13 फीसदी हिस्सा आया। अब बड़े कैलिबर के तोपखाने के शेल्स, जेट इंजन कंपोनेंट्स और विदेशी ग्राहकों से मिले ऑर्डर कंपनी के अगले ग्रोथ फेज की तस्वीर दिखा रहे हैं।
152 मिमी शेल की डिलीवरी, 155 मिमी को मंजूरी
कंपनी ने 3.60 लाख शेल्स की सालाना क्षमता वाली ऑटोमेटेड बड़े-कैलिबर खाली-शेल लाइन को चालू कर दिया है। इसके बाद 152 मिमी खाली तोपखाने के शेल्स की कई खेप भेजी जा चुकी हैं। वहीं 155 मिमी ERFB शेल को भी क्वालिटी अप्रूवल मिल गया है। कंपनी के मुताबिक, इस शेल को 3 मिमी के कुल संकेतित रनआउट और 0.3 मिमी मशीन-वॉल टॉलरेंस के साथ तैयार और अप्रूव किया गया है। अब 155 मिमी शेल्स की नियमित डिस्पैच शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा एक बड़ी भारतीय सरकारी रक्षा इकाई से 105 मिमी खाली शेल्स के लिए अप्रूवल और नए ऑर्डर भी मिले हैं।
एयरोस्पेस से अमेरिका तक बढ़ रहा कारोबार
डिफेंस के साथ कंपनी ने एयरोस्पेस में भी कदम मजबूत किया है। बालू फोर्ज को कड़े टॉलरेंस वाले जेट-इंजन कंपोनेंट्स के लिए जरूरी मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा एक बड़ी अमेरिकी ऑयल एंड गैस कंपनी से 450 किलोग्राम से ज्यादा वजन वाले कंपोनेंट्स का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर प्लांट ऑडिट और ड्रॉइंग अप्रूवल के बाद मिला। वहीं चेक गणराज्य की एक बख्तरबंद वाहन निर्माता कंपनी से मिले खरीद ऑर्डर ने यूरोपीय हेवी-मोबिलिटी और डिफेंस मार्केट में कंपनी की पहुंच को और बढ़ाया है।
बढ़ते रेवेन्यू के बीच निवेशकों की नजर नकदी पर
FY2025-26 में कंपनी का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 19.9 फीसदी बढ़कर 1,107.37 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि टैक्स के बाद मुनाफा 258.89 करोड़ रुपये रहा। कंपनी मशीनिंग वॉल्यूम को 80,000 टन तक ले जाने और अगले दो वर्षों में 25-30 फीसदी सालाना राजस्व वृद्धि का लक्ष्य रख रही है। हालांकि, आगे की ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि नए ऑर्डर कितनी तेजी से वास्तविक डिलीवरी और कमाई में बदलते हैं।
शेयर में तेजी, लेकिन अभी हाई से नीचे
आज बीएसई पर करीब सवा दो बजे बालू फोर्ज का शेयर 473.80 रुपये पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव 31.50 रुपये से 7.12 फीसदी ऊपर था। हालांकि, यह अपने 52-सप्ताह के 653.50 रुपये के हाई से करीब 29 फीसदी नीचे था।
कंपनी में प्रमुख निवेशक आशीष कचोलिया की 1.56 फीसदी हिस्सेदारी भी है। निवेशकों के लिए सबसे अहम बात यह होगी कि डिफेंस और एयरोस्पेस के नए ऑर्डर सिर्फ क्षमता और अप्रूवल तक सीमित न रहें, बल्कि लगातार डिस्पैच, मजबूत कैश फ्लो और बेहतर मार्जिन में बदलें। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की ट्रेड रिसीवेबल्स 425.10 करोड़ रुपये थीं, जबकि ऑपरेशनल कैश फ्लो 31.70 करोड़ रुपये रहा था।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
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