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मोदीनगर को बसाने वाले गुजरमल के बेटे की कहानी! सिंगापुर में खड़ा किया कारोबारी साम्राज्य; पिता की विरासत को बनाया इंटरनेशनल

Published: Sun, 27 Sep 2026 10:54 AM (IST)

बी.के. मोदी, जो गुजरमल मोदी के बेटे हैं, ने मोदीनगर की औद्योगिक विरासत से निकलकर सिंगापुर में अपना कारोबारी साम्राज्य ...और पढ़ें

मोदीनगर वाले गुजरमल मोदी के बेटे हैं बीके मोदी (AI फोटो)

मोदीनगर वाले गुजरमल मोदी के बेटे हैं बीके मोदी (AI फोटो)

HighLights

  1. गुजरमल मोदी के बेटे बी.के. मोदी ने वैश्विक कारोबारी पहचान बनाई

  2. मोदी टेल्स्ट्रा से भारत में पहली मोबाइल क्रांति की शुरुआत की

  3. सिंगापुर स्थित स्मार्ट ग्रुप से कई नए क्षेत्रों में विस्तार किया

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत के पुराने औद्योगिक परिवारों में मोदी परिवार का नाम खासा फेमस रहा है। इसी परिवार से निकले भूपेंद्र कुमार मोदी, जिन्हें कारोबारी दुनिया में बी.के. मोदी या डॉ. एम के नाम से भी जाना जाता है, ने भारत से निकलकर सिंगापुर को अपना कारोबारी आधार बनाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। वह पद्म भूषण से सम्मानित उद्योगपति गुजरमल मोदी के बेटे हैं, जिन्होंने 1930 के दशक में मोदीनगर को औद्योगिक शहर के रूप में डेवलप करने में बड़ी भूमिका निभाई थी।

गुजरमल मोदी के बेटे से ग्लोबल कारोबारी तक

भूपेंद्र कुमार मोदी का जन्म 1949 में मोदीनगर में हुआ। परिवार की औद्योगिक विरासत के बावजूद उन्होंने अपना कारोबारी रास्ता सिर्फ पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने टेक्नोलॉजी, ऑफिस ऑटोमेशन और बाद में टेलीकॉम को अपने कारोबार का आधार बनाया।
Xerox, Olivetti, Alcatel और Telstra जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ साझेदारी के कारण उन्हें लंबे समय तक ‘JV King of India’ कहा गया। उनकी कारोबारी शैली की खासियत यह रही कि उन्होंने विदेशी तकनीक और कंपनियों को भारतीय बाजार से जोड़ने के लिए जॉइंट वेंचर का इस्तेमाल किया।

भारत की पहली मोबाइल क्रांति से जुड़ा नाम

बी.के. मोदी के करियर का सबसे चर्चित चैप्टर टेलीकॉम कारोबार रहा। मोदी टेल्स्ट्रा के जरिए 1995 में भारत में शुरुआती मोबाइल सेवाओं की शुरुआत हुई और भारत की पहली मोबाइल कॉल इसी नेटवर्क पर हुई थी। इसके बाद Spice Communications, Spice Mobiles और Spice Digital जैसे कारोबारों के जरिए उन्होंने मोबाइल सेवाओं, हैंडसेट और डिजिटल वैल्यू-एडेड सर्विसेज में विस्तार किया।
2008 में उन्होंने टेलीकॉम कारोबार से बाहर निकलने का फैसला किया। बाद में उनका कारोबारी समूह ‘Spice’ से ‘Smart’ ब्रांड की ओर बढ़ा।

आज उनका कारोबार किन क्षेत्रों में है?

सिंगापुर स्थित Smart Group के मुताबिक ग्रुप की एक्टिविटीज अब सिर्फ टेलीकॉम तक सीमित नहीं हैं। इसके कारोबार और परियोजनाओं में मोबिलिटी, फाइनेंस, हेल्थकेयर, एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, क्लीन एनर्जी और लाइफ साइंसेज शामिल हैं।
हेल्थकेयर में Modi Mediciti, wellness और ‘Beyond 100’ से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर जोर है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में सिंगापुर में ऑल-इलेक्ट्रिक टैक्सी फ्लीट जैसी पहल का उल्लेख ग्रुप करता है। इसके अलावा रियल एस्टेट, हॉस्पिटैलिटी और शिक्षा भी उनके व्यापक कारोबारी हितों का हिस्सा बताए जाते हैं।

सिंगापुर में पहचान और दौलत कितनी है?

भूपेंद्र मोदी ने सिंगापुर को अपने वैश्विक कारोबार का प्रमुख आधार बनाया और 2012 में सिंगापुर की नागरिकता हासिल की। Forbes ने 2017 में उन्हें Singapore’s 50 Richest की सूची में शामिल करते हुए उनकी नेटवर्थ 665 मिलियन डॉलर आंकी थी।
Smart Group की अपनी वेबसाइट पर 2016 के लिए यह आंकड़ा 645 मिलियन डॉलर बताया गया है। हालांकि, 2026 के लिए उनकी नेटवर्थ का कोई तय डेटा नहीं है।

कारोबार से आगे—एक वैश्विक पहचान

भूपेंद्र मोदी की पहचान अब केवल उद्योगपति के तौर पर नहीं है। वह Smart Group के संस्थापक-अध्यक्ष हैं और Global Citizen Forum तथा Foreign Investors India Forum से भी जुड़े रहे हैं। उनका कारोबार भारत और सिंगापुर के अलावा एशिया, अमेरिका, ब्रिटेन, मध्य-पूर्व और अफ्रीका तक फैला होने का दावा Smart Group करता है।
चार दशक से ज्यादा लंबे कारोबारी सफर में उन्होंने टेलीकॉम से लेकर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, हेल्थकेयर और टेक्नोलॉजी तक कई क्षेत्रों में हाथ आजमाया। इस तरह मोदीनगर की औद्योगिक विरासत से निकले बी.के. मोदी ने अपने कारोबार को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाकर परिवार की कारोबारी कहानी का एक अलग अध्याय बनाया है।

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