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रेगिस्तान में कुओं से तेल निकालने की तैयारी, 'मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या' पर वेदांता का प्लान; ₹20000000000 का निवेश

Published: Fri, 02 Oct 2026 09:39 AM (IST)

वेदांता ऑयल एंड गैस राजस्थान के अपने परिपक्व तेल क्षेत्रों में प्राकृतिक भंडार में गिरावट रोकने और कच्चे तेल उत्पादन ...और पढ़ें

बाड़मेर में स्थित ये कुएं

बाड़मेर में स्थित ये कुएं

नई दिल्ली। दिग्गज अरबपति कारोबारी अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता ऑयल एंड गैस (VOGL), प्राकृतिक भंडार में गिरावट को रोकने और मौजूदा कुओं से कच्चे तेल (Crude Oil) का उत्पादन बढ़ाने के लिए राजस्थान में अपने परिपक्व तेल क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रही है। साथ ही, कंपनी पूर्वोत्तर क्षेत्र को गैस उत्पादन के नए केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। पहले केयर्न इंडिया के नाम से जानी जाने वाली यह कंपनी, 2026-27 में उत्तरी राजस्थान के मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या क्षेत्रों में लगभग 200 मिलियन डॉलर (2,000 करोड़ रुपये) का निवेश करने की योजना बना रही है।

बाड़मेर में स्थित ये कुएं भारत के कुल घरेलू कच्चे तेल उत्पादन का लगभग 20% से 25% हिस्सा अकेले पैदा करते हैं। राजस्थान में ऑयल एक्सप्लोरेशन के लिए कंपनी ने एक खास योजना बनाई है।

क्या है वेदांता का प्लान?

वेदांता ऑयल एंड गैस, राजस्थान में ऑयल एक्सप्लोरेशन के लिए मौजूदा कुओं पर फोकस कर रही है, और इसके लिए भारी-भरकम फंड के जरिए कंपनी मौजूदा तेल कुओं से क्रूड ऑयल के आउटपुट को नई तकनीकों के ज़रिए अधिकतम करने के लिए किया जाएगा।

वेदांता ऑयल एंड गैस का यह ऊर्जा सेक्टर में बड़ा निवेश है। 200 मिलियन डॉलर का यह निवेश वेदांता समूह के उस व्यापक कैपिटल एक्सपेंडिचर का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी अपने ऑयल, गैस और मेटल कारोबार को आक्रामक तरीके से बढ़ा रही है। वेदांता का यह कदम घरेलू स्तर पर तेल उत्पादन को बढ़ाने और आयात पर निर्भरता को कम करने की दिशा में एक अहम प्रयास है।

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बता दें कि राजस्थान के बाड़मेर में जिन बड़े तेल कुओं में 200 मिलियन डॉलर के इन्वेस्टमेंट की योजना है, इन ऑयल वैल की खोज मूल रूप से 'केयर्न इंडिया' ने की थी। खास बात है कि यह भारत में क्रूड ऑयल की सबसे बड़ी खोजों में से एक थी। साल 2011 में वेदांता ग्रुप ने केयर्न इंडिया का अधिग्रहण कर लिया था, और बाद में 2017 में इसका वेदांता लिमिटेड में पूरी तरह से विलय कर दिया गया।